सिंगूर में टाटा मोटर्स से वापस ली गई जमीन को अनिच्छुक किसानों को लौटाने पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। हाईकोर्ट के दो जजों की खंडपीठ ने गुरुवार को कहा है कि जब तक मामले को अदालत में निपटा नहीं लिया जाता, तब तक सरकार यह जमीन किसान को नहीं लौटा सकती है। साथ ही पीठ ने 8 नवंबर से मामले पर लगातार सुनवाई करने की बात कही है ताकि जल्द से जल्द मुकदमे काऔरऔर भी

कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार द्वारा लाए गए सिंगूर भूमि पुनर्वास व विकास अधिनियम को बुधवार को पूरी तरह संवैधानिक व वैध करार दिया। इस फैसले का असर यह होगा कि टाटा मोटर्स को नैनो कार परियोजना के लिए किसानों से ली गई जमीन उन्हें वापस लौटानी होगी। हालांकि कोर्ट के इस फैसले का टाटा मोटर्स के शेयरों पर खास असर नहीं पड़ा और वे बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में थोड़ा सा बढ़कर 155.95औरऔर भी

कलकत्ता हाईकोर्ट ने सिंगूर पुनर्वास व विकास कानून, 2011 को चुनौती देने वाली टाटा मोटर्स की याचिका के संदर्भ में पश्चिम बंगाल सरकार को 8 जुलाई तक हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है। गुरुवार को न्यायाधीश सौमित्र पाल ने सरकार को याचिका के विरोध में अपना हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया और टाटा मोटर्स से इस पर 12 जुलाई तक अपना जवाब देने को कहा। उन्होंने कहा कि सिंगूर कानून को चुनौती देने वाली मुख्यऔरऔर भी

सुप्रीम कोर्ट ने टाटा मोटर्स को राहत देते हुए पश्चिम बंगाल सरकार को सिंगूर की जमीन फिलहाल किसानों को वापस नहीं लौटाने का निर्देश दिया है। इस जमीन का अधिग्रहण टाटा मोटर्स की नैनो कार परियोजना  के लिए किया गया था। बुधवार को न्यायाधीश पी. सतशिवम और न्यायाधीश ए.के. पटनायक ने कहा, “अंतरिम आदेश के तहत हम राज्य सरकार को यह निर्देश देते हैं कि कलकत्ता हाईकोर्ट के अगले आदेश तक वह किसानों को जमीन वापस नहींऔरऔर भी