हर पांच दिन पर हमारा पेट अंदर से एकदम नया हो जाता है। हर छह हफ्ते बाद हमारे पास एकदम नया लीवर होता है। हर तीस दिन पर हमारी त्वचा एकदम नई हो जाती है। हर साल हमारा दिमाग अपनी कोशिकाओं को रिसाइकल कर नया हो जाता है। चार साल से भी कम वक्त में हमारा शरीर आखिरी अणु तक एकदम नया हो जाता है। इसलिए नए को सही खुराक और सांस मिले तो पुराने रोग अपने-आपऔरऔर भी

कहावत है कि चिंता से चतुराई घट जाती है। लेकिन ब्रिटेन के सनी डाउनस्टेट मेडिकल सेंटर के एक ताजा शोध से पता चला है कि बुद्धिमत्ता और चिंता में बड़ा करीबी रिश्ता है। उच्च बुद्धिमत्ता और चिंता से मस्तिष्क में कोलीन नामक रसायन का क्षरण समान गति से होता है। इसलिए यह कहना गलत है कि चिंता नकारात्मक और बुद्धिमानी सकारात्मक है। दोनों असल में सिक्के का एक ही पहलू हैं। शोध से यह भी पता चलाऔरऔर भी