देश के गली-मोहल्लों तक बिखरी 55 लाख किराना दुकानों के व्यापारी सड़कों पर उतरे। उनमें डर समा गया है कि मल्टी-ब्रांड रिटेल में 51 फीसदी एफडीआई (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) आने से उनका वजूद मिट सकता है। दावा किया जा रहा है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल के इस फैसले के खिलाफ गुरुवार को बुलाए गए भारत बंद में पांच करोड़ लोगों ने शिरकत की है। दावों की सत्यता नापने का कोई जरिया नहीं है। लेकिन यह सच है किऔरऔर भी