अच्छी चीज़ों के पीछे दुनिया भागती है। बस, पता नहीं होता कि अच्छी चीजें हैं कौन-सी। पता भी होता है तो भरोसा नहीं होता कि क्या वो चीज़ वाकई अच्छी है। एक छोटी-सी आईटी कंपनी है। टेलिकॉम व हेल्थकेयर उद्योग को सॉफ्टवेयर बेचती है। आपको यकीन नहीं आएगा कि बुधवार को उसके बारे में सुगबुगाहट शुरू हुई और अगले दो दिनों में ही उसका शेयर 22.82% बढ़ चुका है। तथास्तु में इसी कंपनी को पकड़ने की सलाह…औरऔर भी

देश की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी भारती एयरटेल ने कोलकाता से 4जी वायरलेस ब्रॉडबैंड सेवाओं की शुरूआत कर दी। इस सेवा में इंटरनेट इस्तेमाल करते समय डाटा अपलोड और डाउनलोड करने की गति बहुत तेज होगी। भारती एयरटेल की 4जी सेवा की शुरुआत खुद केंद्रीय टेलिकॉम और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री कपिल सिब्बल ने मंगलवार को की। भारती एयरटेल की 4जी सेवा की तेजी का अंदाज़ा इससे लगाया जा सकता है कि जहां मौजूदा 3जी सेवा में डाउनलोडऔरऔर भी

जिस तरह गहरा पानी शांत बहता है, कम गहरा पानी थोड़ा ज्यादा और ज्यादा छिछला पानी कुछ ज्यादा ही उछलता है, उसी तरह का हाल शेयर बाजार में लार्ज कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप स्टॉक्स का रहता है। यह बाजार का ऐसा स्वभाव है जिसे हम बदल नहीं सकते। समझदारी इसी में है कि इसी स्वभाव के मद्देनज़र निवेश और रिटर्न का हिसाब-किताब बैठाया जाए। इसी से फैसला किया जाए कि कहां लंबे समय का निवेशऔरऔर भी

हर चमकनेवाली चीज सोना नहीं होती। है तो यह कहावत, लेकिन चमक के पीछे के सच को समझने में काफी मदद करती है। राजेश एक्सपोर्ट्स की चमक का भी कुछ ऐसा ही मामला है। अभी दस दिन पहले ही उसने सितंबर तिमाही के नतीजे घोषित किए हैं। साल भर पहले की तुलना में बिक्री 14.43 फीसदी बढ़कर 5767.03 करोड़ रुपए और शुद्ध लाभ 45.21 फीसदी बढ़कर 107.08 करोड़ रुपए हो गया। कंपनी की अधिकांश आय निर्यात सेऔरऔर भी

नाइजीरिया, घाना, मालदीव और बांग्लादेश जैसे देशों ने भारत की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं विशेषकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के प्रति गहरी रूचि दिखाई है। श्रम और रोजगार मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे ने बताया कि ये देश अपने यहां ऐसी ही योजनाओं को लागू करने की सोच रहे हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन और वॉशिंगटन में हुए जी-20 देशों के श्रम मंत्रियों के सम्मेलन जैसे वैश्विक मंचों पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना की तारीफ की जा चुकीऔरऔर भी

यह शेयर बाजार है प्यारे। यहां बड़ा अजब-गजब चलता रहता है। चांदी भले ही इधर पिटने लगी हो, लेकिन सोने की चमक अभी बाकी है। फिर भी सोने के धंधे में लगी कंपनियों को बाजार से कायदे का भाव नहीं मिल रहा। ज्यादातर कंपनियों के शेयर इस समय 10 से कम के पी/ई अनुपात पर ट्रेड हो रहे हैं। जैसे, गीतांजलि जेम्स का पी/ई अनुपात इस समय 7, श्रीगणेश ज्वैलरी का 5.9, सु-राज डायमंड्स का 2.8, वैभवऔरऔर भी

कानून व्यवस्था व अपराध से लड़ने जैसे आंतरिक सुरक्षा के काम सरकार के होते हैं। लेकिन केंद्र सरकार इसमें भी धंधे की गुंजाइश देख रही है। सरकार ने कहा है कि वह आंतरिक सुरक्षा क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी स्वीकार करने को तैयार है। हालांकि इसके लिए निजी क्षेत्र को उत्कृष्ट तकनीक हासिल करने के वास्ते अपने मुनाफे का 5 से 7 फीसदी हिस्सा अनुसंधान व विकास (आर एंड डी) के कामों पर खर्च करना होगा।औरऔर भी

भारत दौर पर आए दुनिया के तीसरे सबसे बड़े अमीर और निवेश के महारथी वॉरेन बफेट ने कहा है कि उनकी भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर में कोई दिलचस्पी नहीं है। बता दें कि भारत का ऑटो बाजार दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में शुमार है। चालू वित्त वर्ष 2011-12 के अंत तक भारत दुनिया में कारों का छठा सबसे बड़ा बाजार बन जाएगा। 80 साल के वॉरेन बफेट ने बुधवार को प्रमुख बिजनेस चैनल सीएनबीसीऔरऔर भी

होटल लीला वेंचर्स (बीएसई – 500193, एनएसई – HOTELEELA) का शेयर पिछले एक महीने में 55.60 रुपए से गिरकर साल भर के न्यूनतम स्तर 40.15 रुपए तक जा चुका है। कल यह बीएसई में 45.40 रुपए पर बंद हुआ है। अधिग्रहण के कयासों के बीच इसने 10 अक्टूबर 2010 को 58.70 रुपए पर 52 हफ्ते का शिखर बनाया था। इसका ठीक पिछले बारह महीनों का ईपीएस 1.22 रुपए है और इसका शेयर इससे 37.12 गुना (पी/ई) अनुपातऔरऔर भी

सुबेक्स लिमिटेड का शेयर 1 अक्टूबर को 52.25 रुपए पर बंद हुआ, 1 नवंबर को 74.40 रुपए पर बंद हुआ और कल 30 नवंबर को भी इसका बंद भाव बीएसई में 74.05 रुपए रहा है। इस तरह एक महीने में 40 फीसदी से ज्यादा की बढ़त हासिल करने के बाद यह पिछले एक महीने से ठहरा हुआ है। हालांकि इस दौरान यह ऊपर में 94.90 रुपए और नीचे में 66 रुपए तक जा चुका है। इस समयऔरऔर भी