संयुक्त राष्ट्र एजेंसी विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (डब्ल्यूआईपीओ) भारत के साथ मिलकर आयुर्वेदिक औषधि और यूनानी जैसे परंपरागत ज्ञान पर तीन दिवसीय बैठक का अगले महीने आयोजन करेगा। यह बैठक 22 से 24 मार्च तक चलेगी और इसके आयोजन में सीएसआईआर भी शामिल है। जिनेवा स्थित वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑर्गेनाइजेशन दुनिया भर में बौद्धिक संपदा अधिकारों को बढ़ावा और संरक्षण देने का काम करता है। दिल्ली में होनेवाली इस बैठक से बौद्धिक संपदा अधिकारों और पेटेंट केऔरऔर भी

मलयेशिया में इलाज के लिए वैकल्पिक दवा के रूप में भारतीय आयुर्वेद काफी लोकप्रिय हो रहा है। ऐसे में मलयेशिया के विशेषज्ञ चाहते हैं कि भारत मलयेशियाई लोगों के बीच इस परंपरागत दवा की पहुंच बढ़ाने के लिए अपना सहयोग दे। मलयेशिया में चीनी और भारतीय समुदाय में परंपरागत दवाओं की तुलना में परंपरागत चीनी दवाओं (टीसीएम) और भारतीय आयुर्वेद के साथ सिद्ध दवाएं काफी लोकप्रिय हैं। मलयेशियन सोसायटी फॉर कंप्लीमेंटरी मेडिसिन (एमएससीएम) के डॉ. ली चीनऔरऔर भी