पश्चिमी देशों में अनिश्चित आर्थिक स्थिति भारत के सेवा क्षेत्र के लिए फायदे का सौदा साबित हुई है। बीते वित्त वर्ष की अप्रैल-जनवरी की अवधि में देश के सेवा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का प्रवाह 62 फीसदी बढ़ा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय और गैर-वित्तीय सेवा क्षेत्र में 2011-12 के पहले दस महीनों में 4.83 अरब डॉलर का विदेशी पूंजी निवेश हुआ है। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 2.98औरऔर भी