केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उस नए खान व खनिज विधेयक को मंजूरी दे दी जिसमें प्रावधान है कि कोयला खनन कंपनियों को हर साल अपने शुद्ध लाभ का 26 फीसदी और अन्य खनिज कंपनियों को रॉयल्टी के बराबर रकम जिलास्तरीय खनिज न्यास में डालनी होगी जिसका इस्तेमाल स्थानीय लोगों के विकास में किया जाएगा। इस विधेयक के पारित होने के बाद तमाम खनिज व मेटल कंपनियों के शेयर धड़ाधड़ गिर गए। कोल इंडिया 5.2 फीसदी, स्टरलाइट इंडस्ट्रीज 4.1औरऔर भी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को 12वीं पंचवर्षीय योजना (2012-17) के दृष्टिकोण पत्र को मंजूरी दे दी। इसमें अगले साल मार्च से शुरू हो रहे पांच वित्तीय वर्षों के दौरान सालाना 9 फीसदी की आर्थिक वृद्धि हासिल करने का प्रस्ताव रखा गया है। अभी चल रही 11वीं पंचवर्षीय योजना में सालाना औसत आर्थिक वृद्धि 8.2 फीसदी रहने का अनुमान है। बैठक के बाद केंद्रीय सूचना व प्रसारण मंत्री अम्बिका सोनी ने संवाददाताओं से कहा, “मंत्रिमंडल ने दृष्टिकोण पत्रऔरऔर भी

सरकारी कर्मचारियों की मौज है क्योंकि उन्हें मुद्रास्फीति के असर को खत्म करने के लिए यहां-वहां निवेश करने की मगजमारी नहीं करनी पड़ती। सरकार खुद ही मुद्रास्फीति के असर को महंगाई भत्ता बढ़ाकर बराबर कर देती है। केंद्र सरकार ने इसी क्रम में शुक्रवार को अपने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 7 फीसदी बढ़ा दिया। यह वृद्धि 1 जुलाई 2011 से लागू होगी। केंद्रीय मंत्रिमंडल के इस फैसले की सूचना देते हुए सूचना व प्रसारण मंत्री अंबिका सोनीऔरऔर भी

कैबिनेट ने लोकपाल विधेयक के मसौदे को गुरुवार को मंजूरी दे दी और इस विधेयक को अगले हफ्ते सोमवार, एक अगस्त से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में एक-दो दिन के भीतर ही पेश कर दिया जाएगा। प्रस्तावित विधेयक के तहत केंद्रीय मंत्री से लेकर सांसद और ए ग्रुप के अफसर तक लोकपाल के दायरे में आएंगे। उन्हे दंडित करने के लिए लोकपाल को सीआरपीसी, 1973 के सेक्शन 197 या भ्रष्टाचार निरोधक अधनियम 1988 केऔरऔर भी

यूपीए सरकार ने काले धन पर सिविल सोसायटी से लेकर राजनीतिक दलों व आम लोगों के चौतरफा हमले से बचने की कोशिशें तेज कर दी हैं। गुरुवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में मौजूदा बेनामी सौदा (निषेध) कानून, 1988 की जगह नया कानून लाने के लिए बेनामी सौदा (निषेध) विधेयक, 2011 को मंजूरी दे दी गई। अब इस विधेयक को संसद में पेश किया जाएगा और वहां से पारित होते ही राष्ट्रपतिऔरऔर भी

आम लोगों के लिए कल्याण योजनाओं का विस्तार करने के क्रम में सरकार ने घरेलू श्रमिकों को भी स्वास्थ्य बीमा के तहत लाए जाने को मंजूरी दे दी है। गुरुवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में देश के पंजीकृत 47.50 लाख घरेलू श्रमिकों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना योजना के तहत लाए जाने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया गया। इन श्रमिकों में ज्यादातर घरों में काम करनेवाली महिलाएं हैं। बैठक केऔरऔर भी