एक तो बाजार की सांस ब्याज दरों के बढ़ने के कारण पहले ही उखड़ी हुई है और वो 200 दिनों के मूविंग औसत से नीचे जा चुका है। ऊपर से 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले के सुप्रीम कोर्ट में आने ने हालत और खराब कर दी। इस माहौल का फायदा उठाकर बाजार के उस्ताद लोगों ने बडे पैमाने पर शॉर्ट सौदे करके माहौल को संगीन बना डाला। आज को मिला दें तो बाजार में गिरने का दौर नौ दिनोंऔरऔर भी

इधर बॉम्बे डाईंग से लेकर रेमंड, सेंचुरी टेक्सटाइल, आलोक इंडस्ट्रीज और प्रोवोग जैसी कई टेक्सटाइल कंपनियों की जमीन का हिसाब-किताब निकाला जा रहा है और पंटर भाई लोग मान रहे हैं कि जमीन से इन कंपनियों में छिपा हुआ मूल्य निकलकर सामने आएगा और इनके शेयर नई पेंग भरेंगे। पिछले दिनों इनके शेयर बढ़े भी हैं। इसलिए नहीं कि उनके मूल व्यवसाय में कोई शानदार चीज हो गई है, बल्कि इसलिए कि इनके पास काफी जमीन हैऔरऔर भी