भावनाएं माहौल बनाती हैं। विचार ताकत देते हैं। हमारा कर्म उसे संगत निष्कर्ष तक पहुंचाता है। भावना से लेकर विचार तक कर्म की सेवा के लिए हैं। कर्म सर्वोच्च है। इस तथ्य को मान लेने में हर्ज ही क्या है!और भीऔर भी