नए साल के बजट में तमाम टैक्सों में घटबढ़ हो सकती है। टैक्स का आधार बढ़ाने की कोशिश भी हो सकती है। लेकिन एक बात तय है कि वित्त मंत्री पलनियप्पन चिदंबरम किसानों या कृषि आय पर कोई टैक्स नहीं लगाएंगे। वैसे, बीजेपी की तरफ से अगर यशवंत सिन्हा वित्त मंत्री बने होते तो वे भी यह जोखिम नहीं उठाते। फिर भी टैक्स आधार बढ़ाने की बड़ी-बड़ी बातों से कोई भी वित्त मंत्री बाज़ नहीं आता। दिक्कतऔरऔर भी

हमारे कॉरपोरेट जगत और उसकी तरफ से लामबंदी करने वाले उद्योग संगठनों को भारतीय लोकतंत्र की जमीनी हकीकत की कितनी समझ है, इसकी एक बानगी पेश की है जानेमाने संगठन, कनफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) ने। मंगलवार को सीआईआई के सालाना अधिवेशन को खुद वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने अपनी मौजूदगी से नवाजा था। उसी अधिवेशन में सीआईआई की एक टास्क फोर्स ने चुनाव सुधारों पर एक विस्तृत रिपोर्ट मुख्य चुनाव आयुक्त एस वाई कुरैशी को सौंपी,औरऔर भी

ग्रामीण विकास की सभी योजनाओं पर किए गए व्यय का ऑडिट कैग द्वारा कराया जाएगा। केन्द्रीय ग्रामीण विकास और पेयजल आपूर्ति व स्वच्छता मंत्री जयराम रमेश ने कहा है कि कैग के साथ व्यापक चर्चा के बाद यह सहमति बनी है। इन दोनों मंत्रालयों की सभी योजनाओं के तहत किए गए सारे खर्च का ऑडिट कैग (नियंत्रक व महालेखा परीक्षक) द्वारा की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि इस तरह का ऑडिट केन्द्र सरकार द्वारा ग्रामीण विकास कार्यक्रमोंऔरऔर भी