चीन की अर्थव्यवस्था सुस्त है। यूरो ज़ोन लम्ब-लेट है। जापान दूसरी तिमाही में डूबने लगा। ब्रिटेन में कमाई महंगाई के साथ नहीं बढ़ रही। यूक्रेन से इराक और गाज़ा तक अशांति फैली है। पश्चिम अफ्रीका में इबोला की महामारी का कहर है। फिर भी साइप्रस को छोड़ दें तो इस साल अब तक भारत में लिस्टेड कंपनियों का मूल्य या बाज़ार पूंजीकरण दुनिया में सबसे ज्यादा 33.54% बढ़ा है। उम्मीद पर टिके बाज़ार में राह शुक्रवार की…औरऔर भी

अक्सर हम जैसे आम ट्रेडरों का छोटा-मोटा ग्रुप होता है। यह ग्रुप आपसी राय से सौदे करता है। सभी लगभग समान इंडीकेटरों का इस्तेमाल करते हैं। यह समूह में चलने की सहज पशु-वृत्ति है। इसमें कोई बुराई नहीं। लेकिन समूह के फेर में पड़कर हम मतिभ्रम का शिकार भी हो सकते हैं। फिर, आज इंटरनेट जैसी टेक्नोलॉजी ने सब कुछ इतना व्यवस्थित कर दिया है कि हम अकेले बहुत कुछ कर सकते हैं। अब बुधवार का वार…औरऔर भी