कोई भी समझदार व्यक्ति कम रिस्क में ठीकठाक कमाने का मौका नहीं गंवाता। उसे ज्यादा रिटर्न खींचता जरूर है, लेकिन उससे जुड़ा ज्यादा रिस्क उसे डराता भी है। इसीलिए हममें तमाम लोग शेयरों के बजाय रीयल एस्टेट, सोने व एफडी में पैसा लगाते हैं। इधर विदेशी संस्थागत निवेशको को लग रहा है कि अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ सकती हैं तो वे भारत जैसे देशों से निवेश निकालकर वापस ले जा रहे हैं। अब आज की दशा-दिशा…औरऔर भी