देश में सोने-चांदी का आयात बीते वित्त वर्ष (अप्रैल 2011 से मार्च 2012) के दौरान 44.4 फीसदी बढ़कर 61.5 अरब डॉलर पर पहुंच गया। यह हमारे कुल 184.9 अरब डॉलर के व्यापार घाटे के एक-तिहाई से ज्यादा, 33.26 फीसदी है। वित्त वर्ष 2011-12 में सबसे ज्यादा आयात पेट्रोलियम तेलों का बढ़ा है। यह 46.9 फीसदी बढ़कर 155.6 अरब डॉलर पर पहुंच गया। हालांकि इससे बचना मुश्किल है क्योंकि देश में पेट्रोलियम तेलों की जरूरत का लगभग 80औरऔर भी

पता नहीं कि यह निर्यात के आंकड़ों की अप्रत्याशित तेजी पर उठे संदेह का नतीजा है या यूरोपीय देशों में छाए संकट का परिणाम, लेकिन ताजा सूचना यह है कि अक्टूबर महीने में देश से हुआ निर्यात साल भर पहले से मात्र 10.8 फीसदी बढ़ा है। यह दो सालों के दौरान निर्यात में हुई सबसे कम वृद्धि दर है। इससे पहले अक्टूबर 2009 में हमारा निर्यात 6.6 फीसदी घट गया था। लेकिन उसके बाद से हर महीनेऔरऔर भी

बाजार का जो भी खेल है, यहां अपग्रेड और डाउनग्रेड गलत वक्त पर होते हैं। हमने एसकेएस माइक्रो फाइनेंस को 800 रुपए पर डाउगग्रेड किया था और अब देखिए उसका हश्र क्या है। हमने एसबीआई को 3500 रुपए पर डाउनग्रेड किया था, बाजार अब कर रहा है। हमने मुथूत फाइनेंस के बारे में नकारात्मक राय रखी और लिस्टिंग पर उसका हाल-बेहाल सामने आ गया. है। हमें यकीन है कि यह स्टॉक घटकर 123 रुपए तक आ जाएगाऔरऔर भी