बहुत-सी दवा कंपनियों के शेयर मूल्यांकन के लिहाज से इस समय सातवें आसमान पर चढ़े हुए हैं। मसलन, रैनबैक्सी अभी 92.88 के पी/ई अनुपात पर ट्रेड हो रहा है। इसी तरह एब्बट इंडिया 34.65, सिप्ला 24.77, ल्यूपिन 24, सनफार्मा 26.81 और डॉ. रेड्डीज लैब 23.22 के पी/ई अनुपात पर ट्रेड हो रहा है। ये सभी लार्ज कैप कंपनियां हैं। हालांकि पिरामल हेल्थकेयर भी लार्ज कैप कंपनी है। फिर भी उसका शेयर 13.18 के पी/ई पर ट्रेड होऔरऔर भी

भारत दुनिया में सोने का सबसे बड़ा उपभोक्ता माना जाता है। लेकिन बीती तिमाही में चीन में सोने के जेवरात की मांग 2009 के शुरूआती दौर के बाद पहली बार भारत से ज्यादा हो गई है। यह बात सामने आई है वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की ताजा रिपोर्ट से। रिपोर्ट के मुताबिक इस साल जुलाई से सितंबर की तिमाही में चीन में सोने के जेवरात की खरीद साल भर पहले की समान अवधि की तुलना में 13 फीसदीऔरऔर भी

हमारी राजनीतिक पार्टियां इस कदर अंधी हैं कि उन्हें दिखाई नहीं देता कि इस साल केवल जुलाई-सितंबर की तिमाही में ही सरकारी तेल कंपनियों को 14,079.30 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। बुधवार को इंडियन ऑयल ने सितंबर तिमाही के नतीजे घोषित किए तो पता चला कि बिक्री साल भर पहले की तुलना में 15.81 फीसदी बढ़कर 89145.55 करोड़ रुपए हो जाने के बावजूद उसे 7485.55 करोड़ रुपए का घाटा उठाना पड़ा है। इससे पहले दो अन्यऔरऔर भी