हमारे शेयर बाजार और शेयरों का हाल निराला है। ठीक जिस दिन रेजिन निर्माता कंपनी भंसाली इंजीनियरिंग पॉलिमर्स के खिलाफ उसके आम शेयरधारकों ने कंपनी लॉ बोर्ड (सीएलबी) में धांधली व वित्तीय अनियमितता का मामला दर्ज कराया और सीएलबी ने अंतरिम राहत के तौर पर प्रवर्तकों की सहयोगी कंपनी जागृति रेजिंस का नाम कंपनी रजिस्ट्रार, मुंबई के रिकॉर्ड से निकाल देने को कहा, उसी दिन भंसाली इंजीनियरिंग का शेयर बीएसई में 15.95 फीसदी और एनएसई में 16.45औरऔर भी

बजाज इलेक्ट्रिकल्स देश की बड़ी व नामी कंपनी है जिस पर शायद ही कोई दो राय होगी। 72 साल पुरानी कंपनी है। शेखर बजाज इसके चेयरमैन व प्रबंध निदेशक हैं। बीते वित्त वर्ष 2010-11 में इसकी बिक्री 2739.43 करोड़ और शुद्ध लाभ 143.79 करोड़ रुपए रहा है। कंपनी की इक्विटी 19.90 करोड़ रुपए है जो दो रुपए अंकित मूल्य के 9.95 करोड़ शेयरों में विभाजित है। इस तरह सालाना आधार पर उसका ईपीएस (प्रति शेयर मुनाफा) 14.63औरऔर भी

भारतीय अर्थव्यवस्था साल 2030 तक 30 लाख करोड़ डॉलर की हो जाएगी। यह कहना है देश के सबसे ब़ड़े उद्योगपति और रिलायंस समूह के मुखिया मुकेश अंबानी का। भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार अभी 1.4 लाख करोड़ डॉलर का है। ध्यान दें, यहां डॉलर में बात हो रही है। इसलिए रुपए की मुद्रास्फीति का असर इसमें शामिल नहीं है। शुक्रवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज की सालाना आमसभा को संबोधित करते मुकेश अंबानी ने कहा, “साल 2020 तक भारतीय अर्थव्यवस्थाऔरऔर भी

रिलायंस इंडस्ट्रीज की 37वीं सालाना आमसभा (एजीएम) में चेयरमैन मुकेश अंबानी ने उसकी तारीफ के पुल बांध दिए। सब बता डाला कि कितनी बड़ी कंपनी है, बराबर किस शानदार रफ्तार से हर मोर्चे पर बढ़ी है, वर्तमान कितना दमदार है और भविष्य कितना शानदार होगा। मुंबई के न्यू मरीन लाइंस के बिड़ला सभागार में जुटे शेयरधारकों ने तालियां भी बजाईं। लेकिन बाजार को मुकेश अंबानी के वाग्जाल में कुछ दम नहीं नजर आया। कंपनी का शेयर गुरुवारऔरऔर भी

बाजार पलटकर उठा। सुबह-सुबह सेंसेक्स 18,672.65 और निफ्टी 5604.95 तक चला गया। निफ्टी का यूं 5600 के स्तर को पार करना बड़ी बात थी। लेकिन दोपहर बारह बजे के बाद बाजार अपनी बढ़त को बनाए नहीं रख। माना जा रहा था कि निफ्टी के 5580 के ऊपर पहुंचते ही टेक्निकल एनालिस्ट और बाजार के पंटर भाई लोग लांग होने या खरीद की भंगिमा अपनाने जा रहे हैं। लेकिन शर्त यही है कि निफ्टी को इससे ऊपर बंदऔरऔर भी

दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल का कहना है कि वे देश में उपलब्ध कुल स्पेक्ट्रम का ऑडिट कराने के प्रस्ताव के पक्ष में हैं। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने स्पेक्ट्रम का ऑडिट कराने का प्रस्ताव किया है। कैग द्वारा स्पेक्ट्रम का ऑडिट कराने से यह पता चल सकेगा कि वर्ष 2000 से आगे किस लागत पर निजी दूरसंचार ऑपरेटरों को कितना स्पेक्ट्रम आवटित किया गया। राजधानी दिल्ली में मंगलवार को उद्योग संगठन फिक्की की 83वीं सालाना आमसभाऔरऔर भी

शायद आपको नहीं पता होगा कि एलनेट टेक्नोलॉजीज तमिलनाडु सरकार की कंपनी है। इसमें तमिलनाडु सरकारी की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी एलकॉट (इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ तमिलनाडु लिमिटेड) की 51.48 फीसदी इक्विटी हिस्सेदारी है। इसके शेयर में इधर जबरदस्त हलचल शुरू हो चुकी है। कारण यह है कि कंपनी की सालाना आमसभा (एजीएम) 21 जुलाई को है जिसमें तीन बड़े फैसले लिए जाने की उम्मीद है। एक, यह तारामनी में अपनी 800 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी बेच सकतीऔरऔर भी

देश की सबसे बड़ी निजी कंपनी, जिसके शेयरधारकों की संख्या 35.62 लाख से थोड़ी ज्यादा है। ऐसी कंपनी की सालाना आमसभा को जब देश का सबसे अमीर शख्स सामने-सामने संबोधित कर रहा हो तो उद्योग जगत व निवेश की दुनिया का शायद ही कोई व्यक्ति होगा जो उससे सुनना नहीं चाहेगा। वह भी तब, जब दो भाइयों के बीच पिछले पांच साल से चली आ रही जंग के खात्मे का एलान हो चुका है। जी हां, ऐसेऔरऔर भी