किसी काम की सफलता के लिए अच्छी व सच्ची नीयत होना जरूरी तो है, पर्याप्त नहीं। अक्सर हम सच्ची नीयत के बावजूद एकदम नाकाम हो जाते हैं। कारण, जिस माध्यम पर काम कर रहे होते हैं, उसमें हो रहे बदलावों से हम आंखें मूंदे रहते हैं।और भीऔर भी

जीवन की कमियां, कमजोरियां, अधूरापन जब भावनाओं का आधार होता है तो वे अच्छी होती हैं, सच्ची होती हैं। लेकिन अच्छी-सच्ची भावनाएं अक्सर विचारधाराओं की सूली चढ़ जाती हैं। ये कतई अच्छी बात नहीं है।और भीऔर भी