जैसी कि उम्मीद थी, बाजार (निफ्टी) 6000 से 6100 अंक के बीच डोलता रहा। इस दायरे को काफी सुविधाजनक स्तर माना जा रहा है। बाजार के तमाम खिलाड़ी बैंक निफ्टी में नए सिरे से शॉर्ट हो गए हैं यह मानते हुए कि बैंक निफ्टी ने टेक्निकल एनालिस्टों की भाषा में डोजी कैंडल जैसा कुछ बना रखा है और इसमें 12,400 के बाद कोई उठापटक नहीं होनी है। पुट-कॉल अनुपात (पीसीआर) गलत तस्वीर दिखा रहा है क्योंकि इसमेंऔरऔर भी

हमें यकीन नहीं था कि बाजार खुद को ऊपरी स्तर पर टिकाए रख पाएगा, फिर भी हमने शॉर्ट सौदे काटने को क्यों कहा? यह एक बड़ा सवाल है और आप सोच रहे होंगे कि ऐसा क्यों है? तो जवाब है कि बारिश ने भारत की विकासगाथा को धुंधला कर दिया है। राष्ट्रमंडल खेलों की भयंकर खामियों व घपलों ने विदेश में भारत और भारतीय राजनीति की छवि को दागदार बना दिया है। अभी देश के जीडीपी कीऔरऔर भी

न तो मेरी राय बदली है और न ही मेरा नजरिया। मैं इस समय रिटेल निवेशकों की दशा-दिशा समझने के लिए देशाटन पर निकला हूं। निफ्टी जब से 5800 के पार गया है, तब से ट्रेडरों और फंडों ने निफ्टी में अपनी शॉर्ट पोजिशन काटनी शुरू कर दी है और वे अब इसकी खरीद या लांग के पक्ष में चले गए हैं। तमाम विश्लेषक भी उन्हें समझा रहे हैं कि निफ्टी 6000 अंक के ऊपर चला जाएगा,औरऔर भी

जापानी कंपनी होंडा ने हीरो होंडा में अपनी 26 फीसदी हिस्सेदारी सिंगापुर में मुंजाल परिवार की तरफ से बनाए गए विशेष एसपीवी (स्पेशल परपज वेहिकल) को बेच दी है। यह सौदा 120 करोड़ अमेरिकी डॉलर (5565 करोड़ रुपए) में हुआ है। इसकी आधिकारिक घोषणा 25 सितंबर को की जाएगी। बता दें कि हीरो होंडा से होंडा के निकलने की खबर सबसे पहले हमने आपको दी थी और सबसे पहले सौदे का ब्यौरा भी आपको हम ही देऔरऔर भी

यह वक्त है देखने-समझने का कि हमने आपसे क्या कहा था और दुनिया भर के विश्लेषक क्या कह रहे थे। उन्होंने हिन्डेनबर्ग अपशगुन के नाम पर मुनादी की थी कि सितंबर में बाजार में जबरदस्त गिरावट आएगी, जबकि हमने डंके की चोट पर कहा था कि बाजार नई ऊंचाई पकड़ेगा। सीएनबीसी से लेकर एनडीटीवी व तमाम दूसरे चैनलों पर एनालिस्ट लोग आपका ब्रेनवॉश करते रहे और कहते रहे कि निफ्टी का 5600 अंक पर जाना असंभव है।औरऔर भी

अमेरिकी बाजार की हालत खराब, एशिया की हालत खराब, यूरोप की हालत खराब। फिर भी भारतीय बाजार ने आज अपने को टिकाए रखा। क्या इससे साबित होता है कि भारत की दुनिया से डीकपलिंग हो चुकी है, संधि-विच्छेद हो चुका है? यह सच नहीं है। हम कभी भी दुनिया के बाजारों से पूरी तरह जुदा नहीं हो सकते। बाजार में आज गिरावट नहीं आई, बल्कि निफ्टी तो शान से 5400 के पार चला गया। ऐसा इसलिए क्योंकिऔरऔर भी