बाजार के लोगों में डर बना हुआ है कि इसमें कभी भी करेक्शन आ सकता है, गिरावट आ सकती है। जब तक लोगों में यह डर कायम है और बहुत सारे शॉर्ट सौदे हुए पड़े हैं, तब तक बड़ा करेक्शन आने की कोई गुंजाइश नहीं है। हां, थोड़ा-बहुत ऊपर नीचे हो ही सकता है। फिर भी सावधानी बरतनी जरूरी है। हेजिंग जरूरी है यानी एक जगह का घाटा दूसरी जगह के भरने का इंतजाम जरूरी है। यकीनऔरऔर भी

इंडियन ऑयल (बीएसई कोड – 530965, एनएसई कोड – IOC) का नाम ही काफी है। लेकिन जानते हैं इसकी सालाना आय कितनी है? 2,69,136 करोड़ रुपए। जिसे हम बार-बार देश की सबसे बड़ी कंपनी कहते हैं, उस रिलायंस इंडस्ट्रीज की सालाना आय है 1,92,461 करोड़ रुपए। हां, बाजार पूंजीकरण में वह जरूर नंबर-वन है क्योंकि उसके शेयर के मूल्य व कुल जारी शेयरों की संख्या का गुणनफल 3,30,230 करोड़ रुपए है, जबकि इंडियन ऑयल का बाजार पूंजीकरणऔरऔर भी

सही स्टॉक, सही वक्त और सही ट्रिगर – ये तीन सही चीजें किसी भी शेयर की चाल के लिए बाजार के तीन तिलंगों से भी बेहतर संयोग का काम करती हैं। आईटीआई आज 10.7 फीसदी बढ़कर 46 रुपए पर पहुंच गया और बंद हुआ 5.42 फीसदी की बढ़त के साथ 43.80 रुपए पर। इस्पात इंडस्ट्रीज में तकरीबन छह महीनों से हम पूरे धैर्य के साथ इंतजार कर रहे थे और अब अंततः इस स्टॉक से सहवाग जैसीऔरऔर भी

बाजार शुरुआती बढ़त को टिकाए नहीं रख सका और बाद में सेंसेक्स 100 से ज्यादा अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ। असल में कारोबार के दूसरे हिस्से में उन आवेगी स्टॉक्स में करेक्शन आता ही है जिनमें रिटेल निवेशक ज्यादा खरीद कर चुके होते हैं। मारुति अपनी खोई स्थिति फिर से हासिल कर रहा है। कंपनी के चेयरमैन आर सी भार्गव ने एक इंटरव्यू में कहा है कि मानेसर के दूसरे संयंत्र में उत्पादन शुरू होऔरऔर भी

बीएसई सेंसेक्स इधर-उधर होता रहा, फिर भी उसमें ज्यादा गिरावट नहीं आई। एनएसई निफ्टी 5477 अंक को पार नही कर सका तो बाजार में करेक्शन आ गया और जो भी थोड़ी-बहुत बढ़त हुई थी, मिट गई। लेकिन इसके कोई खास फर्क नहीं पड़ता। हकीकत यह है कि एचएनआई (हाई नेटवर्थ इंडीविजुअल) यानी अमीर निवेशक अब बाजार में लौट रहे हैं और कैश सेगमेंट का सतहीपन मिट रहा है, गहराई आ रही है। सभी छोटे-मोटे ऑपरेटर सक्रिय होऔरऔर भी

निवेश की दुनिया की जानीमानी फर्म नोमुरा सिक्यूरिटीज के प्रतिनिधि ने आज ब्लूमबर्ग को दिए गए एक इंटरव्यू में कहा कि वे भारतीय बाजार के प्रति अब न इधर की, न उधर की, बस बीच की राय रखते हैं। सही बात है कि सेंसेक्स का 18,000 पर पहुंचना एफआईआई तक के बीच बाजार के महंगा होने की थोड़ी झुरझुरी पैदा कर सकता है। लेकिन मेरा यकीन मानिए। एफआईआई ने केवल जुलाई महीने में बाजार में 16,000 करोड़औरऔर भी

अमेरिकी बाजार की हालत खराब, एशिया की हालत खराब, यूरोप की हालत खराब। फिर भी भारतीय बाजार ने आज अपने को टिकाए रखा। क्या इससे साबित होता है कि भारत की दुनिया से डीकपलिंग हो चुकी है, संधि-विच्छेद हो चुका है? यह सच नहीं है। हम कभी भी दुनिया के बाजारों से पूरी तरह जुदा नहीं हो सकते। बाजार में आज गिरावट नहीं आई, बल्कि निफ्टी तो शान से 5400 के पार चला गया। ऐसा इसलिए क्योंकिऔरऔर भी

विम प्लास्ट के पास पुणे मे 70 एकड़ जमीन है। कंपनी ने इसमें से 5 एकड़ जमीन पर एक कमर्शियल प्रोजेक्ट विकसित करने के लिए एक संयुक्त उद्यम पर हस्ताक्षर किए हैं। इस रीयल्टी प्रोजेक्ट से कंपनी के पास भारी कैश इनफ्लो होगा। इस खबर की आहट से ही बीएसई में आज विम प्लास्ट का शेयर 218.70 रुपए का नई ऊंचाई पर पहुंच गया। हालांकि खबर लिखे जाते समय वह कल के बंद भाव से 10.34 फीसदीऔरऔर भी

अमेरिकी बाजार के खिलाड़ियों ने आखिरकार स्वीकार कर लिया कि उनके यहां जमकर बिकवाली हो चुकी है और फिलहाल दूर-दूर तक गिरावट के आसार नहीं हैं। कंपनियों के तिमाही नतीजों का ताजा दौर भी बाजार को अच्छा सहयोग देगा। भारतीय बाजार भी खुद को लंबे समय से निफ्टी के 5200 और 5340 अंकों के बीच जमा चुका है। आज भी यह 5340 अंक तक चला गया और बंद हुआ 5300 अंक के एकदम करीब। 5370 अंक परऔरऔर भी

जब आप दुखी होकर बताते हैं कि बजाज हिंदुस्तान का शेयर ठीक से नहीं चला और नतीजतन नुकसान उठाना पड़ा, तब हमें आपकी ट्रेडिंग के तरीके को लेकर अफसोस होता है। एक बात हमेशा ध्यान रखे कि ए ग्रुप की ट्रेडिंग कोई विज्ञान नहीं है और उद्योग के महारथी तक इसमें घाटा उठाते हैं। इसलिए इसमें हमेशा स्टॉप लॉस लगाकर चलना चाहिए। लेकिन हमें इससे भी ज्यादा अफसोस तब होता है जब आप श्राडेर डंकन जैसे स्टॉकऔरऔर भी