डायरेक्ट टैक्स कोड बिल या प्रत्यक्ष कर संहिता विधेयक सोमवार को संसद में पेश कर दिया है। लेकिन अपेक्षा के विपरीत इसे अप्रैल 2011 के बजाय अप्रैल 2012 से लागू किया जाएगा। माल व सेवा कर (जीएसटी) लागू करने की तिथि पहले ही आगे खिसकाने का आधार बन चुका है। इस तरह प्रत्यक्ष व परोक्ष कर से जुड़े दो अहम सुधार साल भर आगे खिसका दिए गए हैं। पहले कहा जा रहा था कि पेश करने केऔरऔर भी

भारतीय रिजर्व बैंक ने मंगलवार को देश के सभी बैंकों के शीर्ष अधिकारियों को भेजे गए सर्कुलर में बताया है कि 1 दिसंबर 2010 से चेक ट्रंकेशन सिस्टम (सीटीएस) के तहत क्लियर होनेवाले किसी भी चेक में तारीख के अलावा कहीं भी कोई कट्टमकुट्टा नहीं चलेगा। अभी तक लोग पानेवाले के नाम से लेकर राशि तक बदलते रहे हैं। बस, जहां भी काटते थे, वहां अपना दस्तखत कर देते थे। लेकिन अब तारीख के अलावा कहीं भीऔरऔर भी