क्या हम-आप जैसे सामान्य निवेशक सही स्टॉक्स के चयन में लंबी-चौड़ी टीम के साथ काम कर रहे किसी म्यूचुअल फंड के कम से कम एमबीए पढ़े फंड मैनेजर की बराबरी कर सकते हैं? शायद नहीं। लेकिन म्यूचुअल फंड में होने के नाते उसकी जो मजबूरियां हैं, हम उनसे मुक्त भी हैं। स्कीम का एनएवी (शुद्ध आस्ति मूल्य) बराबर बनाकर रखना। निवेश निकालने वाले कॉरपोरेट निकायों व बड़े निवेशकों की मांग पूरी करना। सबसे बड़ी मुश्किल म्यूचुअल फंडऔरऔर भी

किसी जमाने में सेठ लोग धर्मशालाएं और कुएं खुदवाकर खैरात का काम करते थे। लेकिन आज कोई कंपनी किसी कल्याण के लिए नहीं, बल्कि शुद्ध रूप से मुनाफा कमाने के लिए बनती है। उसके काम से अगर किसी का भला होता है तो यह उसका बाय-प्रोडक्ट है, असली माल व मकसद नहीं। वो तो ऐन केन प्रकरेण ग्राहक या उपभोक्ता की जेब से नोट लगाने के चक्कर में ही लगी रहती है। बड़े-बड़े एमबीए और विद्वान उसेऔरऔर भी

कभी-कभी अपनी निपट मूर्खता या भोलेपन में आप ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जिनके दाग मिटते ही नहीं। आपको रह-रहकर कचोटते हैं। पलट-पलट कर सीना तान आपसे हिसाब मांगने पहुंच आते हैं। ऐसी अधिकांश गलतियां सहज विश्वास में आकर किसी पर अंधा भरोसा करके की जाती हैं। अर्थकाम के शुरुआती दौर में हम से भी कुछ ऐसी ही गलतियां हुई हैं। नए-नए जोश में हम पर ऐसे शेयरों को सामने लाने का जुनून सवार था, जो आपकेऔरऔर भी

सुब्बु सब जानता है। बचत खाते की 6 फीसदी ब्याज दर पर कोटक महिंद्रा बैंक का यह विज्ञापन आपने देखा ही होगा। शेयर बाजार के बारे में भी यही कहा जाता है कि वह सब जानता है। आप उसे चौंका नहीं सकते क्योंकि उसे पहले से सब पता रहता है। लेकिन यह आंशिक सच है, पूरा नहीं। ज़िंदगी की तरह बाजार में भी चौंकने की गुंजाइश हमेशा बनी रहती है। बाजार हमेशा वर्तमान को पचाकर और भविष्यऔरऔर भी

शेयर बाजार में चल रही मायूसी ने पूंजी बाजार के दूसरे हिस्से प्राइमरी बाजार में भी सन्नाटा फैला दिया है। चालू वित्त वर्ष 2011-12 में पूंजी बाजार में उतरनेवाली 22 कंपनियों ने आईपीओ (शुरुआती पब्लिक ऑफर) लाने का इरादा ही छोड़ दिया है। इसके साथ ही बड़े निवेशकों को सीधे खींचनेवाले क्यूआईपी (क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट) बाजार में भी एकदम मुर्दनी छा गई है। ब्रोकरेज फर्म एसएमसी ग्लोबल सिक्यूरिटीज के ताजा अध्ययन के मुताबिक जिन 22 कंपनियों नेऔरऔर भी

सोमवार 20 सितंबर से शुरू हुआ हफ्ता 1995 के बाद से भारत के प्राइमरी बाजार का सबसे व्यस्ततम हफ्ता है। इस हफ्ते कैंटाबिल रिटेल व वीए टेक समेत आठ नई कंपनियों के आईपीओ खुल रहे हैं। इस हफ्ते पहले से खुले तीन आईपीओ शामिल कर दिए जाएं तो निवेश के लिए कुल 11 आईपीओ उपलब्ध हैं। साल 2007 में जब शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी का आलम था, तब भी एक हफ्ते में ज्यादा से ज्यादा 10औरऔर भी

आरईआई एग्रो के निदेशक बोर्ड ने एक प्रस्ताव पास किया है कि कंपनी में एफआईआई (विदेशी संस्थागत निवेशक) निवेश कुल चुकता पूंजी के 75 फीसदी हिस्से तक हो सकता है।  कंपनी से यह सूचना मिलने के बाद रिजर्व बैंक के इसका नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। कंपनी जिस उद्योग में है उसमें एफआईआई निवेश की सीमा तय करने का अधिकार कंपनी के निदेशक बोर्ड का होता है। इस अधिसूचना के बाद एफआईआई इक्विटी शेयरों और परिवर्तनीय डिबेंचरोंऔरऔर भी