भारत सरकार आखिरकार सैन्य मामलों में घरेलू आधार को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है। हम अभी तक विदेशी सैनिक हार्डवेयर व सॉफ्टवेयर पर बहुत ज्यादा निर्भर है। खबरों के मुताबिक सरकार अब रक्षा से जुड़े सार्वजनिक उद्यमों (पीएसयू) और निजी कंपनियों के बीच संयुक्त उद्यम बनाने के नए दिशानिर्देशों को मंजूर करने जा रही है। मज़गांव डॉक लिमिटेड (एमडीएल) देश के चार डिफेंस शिपयार्ड में सबसे बड़ा है। उसके पास करीब 1,00,000 करोड़ रुपए केऔरऔर भी

केंद्र सरकार के कामकाज में ई-भुगतान प्रणाली पूरी तरह अपना लिये जाने के बाद करीब दो करोड़ चेकों की जरूरत खत्म हो जाएगी। इससे केंद्रीय मंत्रालयों, प्रतिरक्षा और रेलवे विभाग द्वारा किया जा रहा 6 लाख करोड़ रुपए का भुगतान ऑनलाइन हो जाएगा। अभी रिजर्व बैंक ने इलेक्‍ट्रॉनिक क्लियरिंग सर्विस (ईसीएस), नेशनल इलेक्‍ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (एनईएफटी) और रीयल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (आरटीजीएस) जैसी इलेक्‍ट्रॉनिक भुगतान प्रणालियां चला रखी हैं। सरकार नकद-रहित लेन-देन का लक्ष्य हासिल करना चाहतीऔरऔर भी