अगले 48 सालों में जापान की आबादी 32 फीसदी घट जाएगी और उसमें भी ज्यादातर बुजुर्ग होंगे। जापान के स्वास्थ्य व कल्याण मंत्रालय की एक रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया है। रिपोर्ट का कहना है कि साल 2060 तक देश की आबादी घटकर 8.67 करोड़ रह जाएगी। अगर इसके बाद भी यही दशा जारी रही तो 2110 तक जापान में सिर्फ 4.92 करोड़ लोग बचे रहेंगे। फिलहाल जापान की आबादी 12.77 करोड़ है। जापान सरकार कोऔरऔर भी

देश की नई पीढ़ी हो सकता है कि वित्तीय रूप से हम से कहीं ज्यादा साक्षर हो। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) स्कूलों में अगले शैक्षणिक वर्ष से वित्तीय साक्षरता को अलग विषय के रूप में पढ़ाने की तैयारी में जुटा हुआ है। यह नैतिक विज्ञान की तरह एक अलग विषय होगा। वित्तीय साक्षरता के तहत विद्यार्थियों को शेयर बाजार की ट्रेडिंग, ऑप्शंस व फ्यूचर्स जैसे डेरिवेटिव्स की जटिलता के साथ इनसाइडर ट्रेडिंग का भी ज्ञान करायाऔरऔर भी

केंद्र सरकार ने देश भर में फैले करीब 2.73 लाख ग्रामीण डाक सेवकों को रिटायरमेंट के बाद वित्तीय सुरक्षा देने के लिए विशेष स्कीम शुरू की है। इसमें डाक सेवक को अपनी तरफ से कोई खर्च या निवेश नहीं करना होगा। भारत सरकार का डाक विभाग हर ग्रामीण डाक सेवक के खाते में प्रति माह 200 रूपए जमा करेगा। इस तरह जमाराशि से 65 साल की उम्र मे रिटायर होने पर ग्रामीण डाक सेवकों और उनके पति/पत्‍नीऔरऔर भी

कहते हैं कि ग्राहक भगवान होता है पर अभी कुछ समय पहले तक भारत की बीमा कंपनियों का सोचना इससे उलट था। उनके लिए पॉलिसीधारक ऐसा निरीह प्राणी होता था जो शायद परेशानी सहने के लिए अभिशप्त है। लेकिन बीमा नियामक व विकास प्राधिकरण (आईआरडीए या इरडा) की पहल से अब माहौल बदल चुका है। कैसी समस्याएं: अमूमन जीवन बीमा पॉलिसीधारकों को जो समस्याएं सताती हैं उनमें खास हैं – पॉलिसी बांड नहीं मिला, गलत पॉलिसी बांडऔरऔर भी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सोमवार को असंगिठत क्षेत्र के मजदूरों के पेंशन से जुड़ी स्वावलंबन योजना को मंजूरी दे दी। इस योजना का संचालन पीएफआरडीए (पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी) द्वारा किया जाएगा। स्वावलंबन के तहत नई पेंशन स्कीम में सरकार अपनी तरफ से चार सालों में, 2013-14 तक 1000 करोड़ रुपए डालेगी। अगर स्कीम के सब्सक्राइबरों की संख्या ज्यादा हो जाती है तो यह रकम बढ़ाई भी जा सकती है। सरकार ने पीएफआरडीए को अगले चारऔरऔर भी

अगर केंद्र के सूचना प्रौद्योगिक मंत्रालय के दावे को सही मानें तो दो-ढाई साल भर के भीतर देश के सभी 626 जिलों में पेंशन, राशन कार्ड, दीवानी अदालतों के मुकदमे, जाति व विवाह के प्रमाण-पत्र, आय और रोजगार प्रमाण पत्र का सारा कामकाज ऑनलाइन हो जाएगा। ऐसी छह से दस सेवाएं हैं जिनका सारा लेखा-जोखा डिजिटल रूप में रखा किया जाएगा। मंत्रालय यह काम ई-डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट के तहत करवाएगा और यह प्रोजेक्ट चार-पांच महीनों में शुरू करऔरऔर भी