देश में बिजली की स्थापित क्षमता 2,00,287 मेगावॉट हो गई है। इसमें ताजा योगदान हरियाणा के झज्जर में शुरू हुए 660 मेगावॉट के बिजली संयंत्र का है। इससे पहले 31 मार्च 2012 तक देश में बिजली की कुल स्थापित क्षमता 1,99,627 मेगावॉट थी। इसमें ताप बिजली की क्षमता 1,32,013 मेगावॉट, पनबिजली की 38,991 मेगावॉट, परमाणु बिजली की 4780 मेगावॉट और अक्षय ऊर्जा की 24,503 मेगावॉट क्षमता शामिल है। अप्रैल 2007 से मार्च 2012 तक चली 11वीं योजनाऔरऔर भी

ऑस्ट्रेलिया की प्रधानमंत्री जूलिया गिलार्ड ने भारत को यूरेनियम के निर्यात पर लगी रोक हटाने की पेशकश की है। गिलार्ड का कहना है कि अब वक्त आ गया है जब पुरानी स्थिति बदल दी जानी चाहिए। सिडनी में अगले महीने होने जा रहे लेबर पार्टी के सालाना सम्मेलन में इस मुद्दे पर चर्चा होगी और माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नीतियों में बदलाव के लिए सहमति हासिल कर लेंगी। मंगलवार को मेलबर्न पत्रकारों से बातचीत मेंऔरऔर भी

भारत को परमाणु बिजली के क्षेत्र में झाड़ पर चढ़ाने की कोशिश हो रही है क्योंकि जब बाकी दुनिया परमाणु बिजली को तौबा कर रही है तब भारत उन गिने-चुने देशों में शामिल हैं जो इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ने का मंसूबा पाले हुए है और बाहर से परमाणु रिएक्टर आयात कर सकता है। लेकिन भारत में आम राय इसके खिलाफ न जाए, इसलिए ऐसा दिखाने की सायास कोशिश हो रही है कि भारत इसऔरऔर भी