चक्र का चक्कर प्रकृति में ही नहीं, शेयर बाजार में भी चलता है। बाजार सीधे नहीं भागता, बल्कि चक्रों में चलता है। जो उठा है, वो और उठने से पहले गिरेगा जरूर। इसे ही करेक्शन कहते हैं। इसी तरह कंपनी अगर मजबूत है और बढ़ रही है तो उसका गिरा हुआ शेयर जरूर बढ़ता है। हां, कंपनी ही अगर डूब रही है तो उसके शेयर को अंततः डूब जाने से ऑपरेटर भी नहीं बचा सकते। इसीलिए जिसऔरऔर भी

केन्नामेटल इंडिया मूलतः विदेशी कंपनी है। औद्योगिक उत्पादन में इस्तेमाल होनेवाले एडवांस किस्म के टूल्स, टूल सिस्टम और इंजीनियरिंग कंपोनेंट बनाती है। मूल अमेरिकी कंपनी केन्नामेटल का गठन 1934 में हुआ था। साल 2002 में उसने मशीन टूल्स के धंधे में लगे बहुराष्ट्रीय समूह विडिया को खरीद लिया तो उसकी भारतीय इकाई उसकी हो गई और उसने केन्नामेटल इंडिया का नाम अपना लिया। इसके जरिए अमेरिकी कंपनी का इरादा भारत व चीन के उभरते बाजारों को पकड़नेऔरऔर भी

दुनिया के बहुतेरे सफलतम बिजनेस संगठन मूल्य जोड़ने के लिए जिस कंपनी के 1.45 लाख लोगों पर भरोसा करते हैं, उस कंपनी इनफोसिस का दिसंबर तिमाही में 30.8 फीसदी ज्यादा बिक्री और 33.3 फीसदी ज्यादा शुद्ध लाभ हासिल करना भी शेयर बाजार को रास नहीं आया। तिमाही नतीजों की घोषणा के बाद देश की इस दूसरी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर निर्यातक कंपनी के शेयर 8.43 फीसदी गिरकर 2588.25 रुपए पर पहुंच गए। यह पिछले नौ महीनों में इनफोसिसऔरऔर भी