जुआरी इंडस्ट्रीज 1967 में बनी के के बिड़ला समूह की कंपनी है। वो समूह जो हिंदुस्तान टाइम्स व मिंट जैसे अखबार भी निकालता है। इसके बारे में हमने सबसे पहले इसी जगह 6 जनवरी 2011 को लिखा था। तब इसका दस रुपए का शेयर 690 रुपए के आसपास चल रहा था। करीब तीन महीने में यह लगभग 6 फीसदी बढ़कर 15 अप्रैल 2011 को 730 रुपए के शिखर पर पहुंच गया। लेकिन इस समय दस रुपए अंकितऔरऔर भी

टेक्समैको रेल एंड इजीनियरिंग लिमिटेड पहले के.के. बिड़ला समूह की कंपनी टेक्समैको लिमिटेड में समाहित थी। लेकिन अक्टूबर 2010 से हैवी इंजीनियरिंग व स्टील फाउंड्री डिवीजन को अलग कर नई कंपनी टेक्समैको रेल एड इंजीनियरिंग बना दी गई। अब मूल कंपनी टेक्समैको के पास रीयल एस्टेट व मिनी हाइडेल पावर प्लांट का धंधा ही बचा है। इस तरह टेक्समैको से निकली टैक्समैको रेल एंड इंजीनियरिंग ही एक तरह से असल कंपनी है जो मुख्यतः भारतीय रेल केऔरऔर भी

रासायनिक उर्वरक बनानेवाली कंपनी जुआरी इंडस्ट्रीज ने कर्नाटक में सालाना 13 लाख टन क्षमता वाले गैस अधारित यूरिया संयंत्र लगाने के लिए जमीन खरीदनी शुरू कर दी है। इस संयंत्र पर 5000 करोड़ रुपए के निवेश की योजना है। कंपनी के कार्यकारी उपाध्यक्ष एच एस बावा ने दिल्ली में संवाददाताओं को बताया कि कंपनी को कर्नाटक सरकार से परियोजना शुरू करने की मंजूरी मिल गई है। बेलगाम जिले में इसके लिए भूमि खरीदने की शुरुआत हो गईऔरऔर भी

जुआरी इंडस्ट्रीज का शेयर कल बीएसई (कोड – 500780) में 2.50 फीसदी गिरकर 689.05 रुपए और एनएसई (कोड – ZUARIAGRO) में 2.78 फीसदी गिरकर 689.90 रुपए पर बंद हुआ है। कंपनी का ठीक पिछले बारह महीनों का ईपीएस (प्रति शेयर लाभ) 52.48 रुपए है और इस हिसाब से उसका शेयर 13.13 के पी/ई अनुपात पर ट्रेड हो रहा है। शेयर की बुक वैल्यू 400.14 रुपए है। बी ग्रुप का शेयर है। कल बीएसई में इसमें औसत सेऔरऔर भी