भगवान ने इंसान को बनाया या इंसान ने भगवान को – यह बात मैं दावे के साथ नहीं कह सकता। लेकिन इतना दावे के साथ जरूर कह सकता हूं कि दस के चक्र/क्रम में चलनेवाली गिनतियों को इंसान ने ही बनाया है। इंसान की दस उंगलियां है तो यह चक्र दस का है। उन्नीस होतीं तो यह चक्र उन्नीस का होता। ज्योतिष और अंकों में दिलचस्पी रखनेवाले इस पर सोचें। हम तो फिलहाल यह देखते हैं किऔरऔर भी

किसी के मान लेने से कोई गिनती नहीं बन जाता। हम में हर कोई अपने मन का राजा है। किसी से कम नहीं। शायद हर जानवर भी खुद को अनोखा समझता होगा। वैसे, हर गिनती भी तो अपने-आप में अनोखी होती है।और भीऔर भी