स्टॉक एक्सचेंजों को दिन में कारोबार की समाप्ति पर निवेशकों को उनके नाम पर किए गए सौदे की जानकारी एसएमएस या ई-मेल से भेज देनी होगी। पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने मंगलवार को सभी स्टॉक एक्सचेंजों को भेजे गए एक सर्कुलर में यह हिदायत दी है। उसने कहा है कि यह काम जितना जल्दी से जल्दी हो, शुरू हो जाना चाहिए। लेकिन किसी भी हालत में इस पर अमल यह सर्कुलर जारी करने की तिथि केऔरऔर भी

यूं एक ही दिन में किसी शेयर का आधे से भी कम भाव पर आ जाना अकारण नहीं होता। अगर 7 जनवरी 2009 को सत्यम कंप्यूटर का शेयर 84 फीसदी गिरकर 188.70 रुपए से 30.70 रुपए पर आया था तो इसलिए कि उसी दिन रामालिंगा राजू ने कंपनी में किए गए फ्रॉड की घोषणा की थी। लेकिन 20 जून 2011 को जीटीएल के साथ ऐसा कुछ भी नहीं हुआ था कि उसका शेयर 339.90 रुपए से 63.5औरऔर भी

देश के तकरीबन सारे परिवार वित्तीय रूप से बीमार हैं। यह कहना है कि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के निदेशक बोर्ड की इकलौती महिला सदस्य और ब्रोकर फर्म असित सी मेहता की प्रबंध निदेशक दीना मेहता का। उनके मुताबिक, “आज के दौर में महिलाओं और बच्चों को वित्तीय क्षेत्र से दूर रखना कोई भी परिवार गवारा नहीं कर सकता। अपनी बचत फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) में रखने से कुछ नहीं होनेवाला क्योंकि मुद्रास्फीति आपके पैसे को खा जाती है।औरऔर भी

राजा की गिरफ्तारी क्या हुई, अचानक भारत के प्रति एफआईआई का प्यार उमड़ आया है। इस साल अब तक वे लगभग हर दिन बेचते रहे हैं। लेकिन आज उन्होंने 538.71 करोड़ रुपए की शुद्ध खरीद की है। होता है। कभी-कभी ऐसा होता है कि इंसान को अचानक हकीकत देखकर अपना रुख पलट देना पड़ता है। एफआईआई ने भी ऐसा ही किया है। वे अब कहने लगे हैं कि भारतीय बाजार में मूल्यांकन काफी आकर्षक है, इसलिए खरीदऔरऔर भी

प्रधानमंत्री ने कह दिया है कि अगर संसद में सामान्य कामकाज की शर्त जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति) का गठन है तो वे यह शर्त मानने को तैयार हैं। बाजार के लिए यह अच्छी सूचना है। रिजर्व बैंक ब्याज दरों में वृद्धि का फैसला कल करने जा रहा है। बाजार इसके लिए तैयार है और शेयरों के मूल्य में ब्याज दरों के 0.50 फीसदी बढ़ने का असर गिन लिया गया है। अगर वृद्धि इससे कम होती है तोऔरऔर भी

कोरेक्स, बीकासूल व जेलुसिल बनानेवाली बहुराष्ट्रीय दवा कंपनी फाइजर का नाम शायद आप सबको पता ही होगा। इसके कुछ अन्य ब्रांड हैं डोलोनेक्स और मिनीप्रेस-एक्सएल। ये सभी ब्रांड बाजार से ज्यादा रफ्तार से बढ़ रहे हैं। कंपनी का वित्त वर्ष दिसंबर से नवंबर तक का है। नवंबर 2010 में खत्म वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में कंपनी की आय 29 फीसदी बढ़कर 203 करोड़ रुपए से 261 करोड़ रुपए हो गई है, जबकि इस दौरान दवा उद्योगऔरऔर भी

लोन के लिए रिश्वतखोरी के मामले में बड़े नायाब किस्म के एसएमएस इस्तेमाल किए गए हैं। जैसे, बिचौलिये को संदेश मिला कि ऑल इज़ वेल तो मतलब कि लोन मंजूर हो गया है। अगर बैंक या वित्तीय संस्था के अधिकारी ने एसएमएस में लिखा – चाइनीज क्यूजीन तो मतलब कि रिश्वत तगड़ी चाहिए। पंजाबी फूड के एसएमएस का मतलब होता है कि रिश्वत सोने के जेवरात, महंगी घड़ियों या इसी तरह के साजोसामान के रूप में चाहिए।औरऔर भी

बाजार की हालत दुरुस्त हो चली है और एफआईआई ने अच्छे शेयरों को बटोरना शुरू कर दिया है। मीडिया की सुर्खियां भी दिखाती हैं कि हाउसिंग लोन घोटाले या रिश्वतखोरी का मामला अब धीरे-धीरे सम हो रहा है। हालांकि बाजार के लोगों को अब भी समझ में नहीं आया है कि यह गिरावट एचएनआई (हाई नेटवर्थ इंडीविजुअल) निवेशकों और ऑपरेटरों को ठिकाने लगाने के लिए थी क्योंकि रिटेल ने कोई खास खरीद कर नहीं रखी थी। खरीदऔरऔर भी

टीसीएस (टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज) के बाद देश की दूसरी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी इनफोसिस टेक्नोलॉजीज ने नए कर्मचारियों की नियुक्ति की मुहिम तेज कर दी है। उसने इस वित्त वर्ष में जून-सितंबर की दूसरी तिमाही में 14,264 नए कर्मचारी भर्ती किए हैं। लेकिन इस दौरान उसके 6618 कर्मचारी छोड़कर चले गए। इसलिए कर्मचारियों की संख्या में वास्तविक इजाफा 7646 का ही हुआ। इसे मिलाकर 30 सितंबर तक इनफोसिस के कुल कर्मचारियों की संख्या 1,22,468 हो गई है।औरऔर भी

गिरावट का आखिरी दौर अब निपट रहा है। इसके बाद निफ्टी कभी भी 5000 का स्तर नहीं छू सकता है। अब निफ्टी के 7000 तक पहुंचने की यात्रा शुरू हो चुकी है। अभी की गिरावट की बडी वजह रोलओवर है। क्या करें रोलओवर की अपनी अहमियत है और उससे गुजरने की अपनी तकलीफ भी। सब पाने के चक्कर में कुछ भी नहीं मिलता। इसलिए मेरा कहना है कि हमें बी ग्रुप के शेयरों पर केंद्रित करना चाहिएऔरऔर भी