चालू सीजन के दौरान सामान्य से कम मानसून के अनुमान पर आशंकाओं को खारिज करते हुए वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा है कि ये अनुमान केवल एक आभास भर हैं। मुखर्जी ने बुधवार को मानसून से जुड़े सवाल पर संवाददाताओं को बताया, ‘‘हमें कुछ समय और इंतजार करना चाहिए।’’ भारतीय मौसम विभाग ने कल कहा था कि मानसून दीर्घकालिक अवधि के औसत का 95 फीसदी रहने की संभावना है जो सामान्य से कम है। सामान्य सेऔरऔर भी

वैश्विक कृषि उत्पादन की वृद्धि दर पिछले दशक के 2.6 फीसदी के मुकाबले चालू दशक में घटकर 1.7 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया है। तिलहन व अनाज के उत्पादन में कमी के चलते वैश्विक खाद्यान्न उत्पादन घटने की आशंका है। आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (ओईसीडी) और खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) द्वारा जारी एक संयुक्त कृषि परिदृश्य के मुताबिक, अल्पकाल में हालांकि कृषि उत्पादन बढ़ेगा। ओईसीडी-एफएओ की रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘वैश्विक कृषि उत्पादनऔरऔर भी

मौसम विभाग ने इस साल सामान्य मानसून रहने की भविष्यवाणी की है। मानसून की बारिश दीर्घावधि औसत की 98 फीसदी तक रह सकती है। हालांकि मध्य अप्रैल तक मौसम में नमी बने रहना और तापमान का नहीं बढ़ना देश में समय पर मानसून के आने में कुछ बाधा डाल सकता है। एक संवाददाता सम्मेलन में मानसून में बाधा उत्पन्न होने के बारे में पूछे जाने पर मौसम विभाग के महानिदेशक अजीत त्यागी ने कहा, ‘‘अभी इस विषयऔरऔर भी

यूं तो मिस्र से भारत का कोई सीधा लेनादेना नहीं है, लेकिन मिस्र में उठे राजनीतिक तूफान ने पहले से हैरान-परेशान हमारे शेयर बाजार की हवा और बिगाड़ दी है। वैसे भी जब बुरा दौर चल रहा हो, तब मामूली-सी बुरी खबर भी बिगड़ी सूरत को बदतर बनाने के लिए काफी होती है। सेंसेक्स आखिरकार आज नीचे में 18,038.48 तक चला गया। हालांकि बाद में सुधरकर 18327.76 पर बंद हुआ। भारतीय बाजार को पसंद करनेवाले किसी भीऔरऔर भी