बैंक ऑफ जापान अपने यहां मुद्रास्फीति को बढ़ाकर 2% कर देना चाहता है। इसके लिए वह नोटों की सप्लाई को दोगुना करने जा रहा है। वहां इस साल फरवरी में मुद्रास्फीति की दर बढ़ने के बजाय 0.70% घटी है। वह भी तब, जब उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में खाद्य वस्तुओं, रहने के खर्च, परिवहन व संचार और संस्कृति व मनोरंजन का भार 71.5% (25 + 21 + 14 +11.5) है, जबकि ईंधन, बिजली व पानी का 7%, मेडिकलऔरऔर भी

अगले कुछ महीनों में कई भारतीय और चीनी कारें अमेरिकी बाजार में पेश की जाने वाली हैं। लेकिन एक नई रिपोर्ट में पाया गया कि ज्यादातर अमेरिकी टाटा, महिंद्रा और बीवाईडी जैसी कंपनियों की कारें नहीं खरीदना चाहते। बाजार अनुसंधान कंपनी जीएफके ऑटोमोटिव की एक रिपोर्ट में पाया गया कि चीन और भारत के वाहन निर्माताओं को वही दिन देखने पड़ेंगे जो कोरियाई वाहनों को अमेरिका में लांच किए जाने के बाद देखना पड़े थे। उपभोक्ताओं कोऔरऔर भी

सोचिए, कभी ऐसा हो जाए कि आपके घर में और आसपास जो भी अच्छी चीजें हैं, जिनसे आपका रोज-ब-रोज का वास्ता पड़ता है, जिनकी गुणवत्ता से आप भलीभांति वाकिफ हैं, उन्हें बनानी वाली कंपनियों में आप शेयरधारक होते तो कैसा महूसस करते? कंपनी के बढ़ने का मतलब उसके धंधे व मुनाफे का बढ़ना होता है और मुनाफा तभी बढ़ता है जब ग्राहक या उपभोक्ता उसके उत्पाद व सेवाओं को पसंद करते हैं, उनका उपभोग करते हैं। आपकीऔरऔर भी

अमेरिका में किए गए एक सर्वे बताया गया है कि फेसबुक के तकरीबन 75 लाख उपभोक्ता 13 साल से कम उम्र के हैं जबकि यह उम्र इस सोशल नेटवर्किंग साइट का इस्तेमाल करने के लिए ‘मान्य’ नहीं हैं। अमेरिका में उपभोक्ताओं से जुड़े मामलों की प्रकाशक, कंज्यूमर रिपोर्ट ने एक सर्वेक्षण के आधार पर बताया कि पिछले साल फेसबुक का इस्तेमाल करने वाले दो करोड़ नाबालिग बच्चों में से लगभग 75 लाख बच्चे 13 साल से कमऔरऔर भी

उद्योग संगठन एसोचैम द्वारा कराए गए एक सर्वेक्षण ने इस बात की पुष्टि की है कि लोगों में व्यस्त जीवन शैली और बढ़ती आय के कारण डिब्बाबंद (पैक्ड) खाद्य पदार्थों और तैयार खाने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। इस डिब्बाबंद सुविधाजनक भोजन को मुख्यतया एकल परिवार में तरजीह दी जा रही है जहां पति व पत्नी दोनों कामकाजी हैं। साथ ही इस भोजन को अकेले व्यक्ति पसंद करते हैं जो बाहर खाना पसंद नहीं करते।औरऔर भी

बेस रेट तो लागू हो गया, लेकिन पुराने होम लोन के ब्याज का क्या होगा? नया होम लोन तो बैंक अपने बेस रेट के हिसाब से देंगे। जो ऋण नवीकरण के लिए आएंगे, उन पर भी बेस रेट की नई प्रणाली लागू होगी। जिन बैंकों ने शुरुआती सालों के लिए 8, 8.25 या 8.50 फीसदी ब्याज दर वाली विशेष स्कीमें पेश की थी, उन्हें और उनके ग्राहकों को कोई परेशानी नहीं है। एसबीआई या एचडीएफसी की तरहऔरऔर भी