हमारा कॉरपोरेट क्षेत्र और उसके शीर्ष संगठन – सीआईआई, फिक्की व एसोचैम से लेकर अलग-अलग उद्योंगों के संगठन अमूमन हर सरकारी नीति पर टांग अड़ाने में माहिर हैं। नीतियों को अपने पक्ष में मोड़ने के लिए जमीन-आसमान एक कर देते हैं। लेकिन धन के अंबार पर बैठी इन कंपनियों कोई फिक्र नहीं कि कालेधन की विकराल समस्या को कैसे हल किया जाए। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने अपने चेयरमैन की अध्यक्षता में इस साल 27 मईऔरऔर भी

स्टॉक एक्सचेंजों को दिन में कारोबार की समाप्ति पर निवेशकों को उनके नाम पर किए गए सौदे की जानकारी एसएमएस या ई-मेल से भेज देनी होगी। पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने मंगलवार को सभी स्टॉक एक्सचेंजों को भेजे गए एक सर्कुलर में यह हिदायत दी है। उसने कहा है कि यह काम जितना जल्दी से जल्दी हो, शुरू हो जाना चाहिए। लेकिन किसी भी हालत में इस पर अमल यह सर्कुलर जारी करने की तिथि केऔरऔर भी

बिहार पूरे देश का इकलौता राज्य है जहां सूचना अधिकार (आरटीआई) के तहत ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। वहां कोई भी कोई भी व्यक्ति किसी भी स्थान से 155311 पर फोन करके आवेदन लिखवा सकता है जिसे संबंधित कार्यालय के पीआईओ को डाक/ई-मेल द्वारा भेज दिया जाता है। इस व्यवस्था को आगे बढ़ाते हुए अब आम आदमी को ऑनलाइन आरटीआई आवेदन दर्ज कराने की सुविधा दे दी गई है। इस तरह की सुविधा न तो महाराष्ट्रऔरऔर भी

अनिल धीरूभाई अंबानी समूह (एडीएजी) क दावा है कि उसने समूह की कंपनियों के खिलाफ निराधार व सनसनीखेज अफवाहें फैलानेवाले शेयर ब्रोकरों की पहचान कर ली है और सेबी से उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। समूह का कहना है कि ये ब्रोकर बड़ी संख्या में ई-मेल और एसएमएस भेज रहे थे और समूह की कंपनियों के खिलाफ निराधार व सनसनीखेज आरोप के साथ बड़ी संख्या में निवेशकों को फोन कर रहे थे। बता देंऔरऔर भी