कपास की कीमतें भले ही कमोबेश स्थिर हों, लेकिन कपड़ा मंत्रालय देश की प्रमुख मंडियों में पहुंच रहे कपास की रोजाना निगरानी कर रहा है। कपास की औसत कीमत 4000 रूपए प्रति क्विंटल के आसपास चल रही है जो तय एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) 3100 रूपए प्रति क्विंटल से अधिक है। यह स्थिति एमएसपी की जरूरत को ही नकार देती है। कपड़ा क्षेत्र में घरेलू जरूरत के लिए कच्‍चे माल की आपूर्ति को सुरक्षित करने का कामऔरऔर भी

सरकार हस्तशिल्प को लोकप्रिय बनाने के लिए टाटा समूह से याचना करने जा रही है। कपड़ा मंत्रालय खुद रतन टाटा को पत्र लिखकर अनुरोध करने जा रहा है कि वे देश भर में फैले वेस्टसाइड स्टोरों में कुछ जगह हस्तशिल्प की वस्तुओं को भी दे दें। बता दें कि वेस्टसाइड टाटा समूह का रिटेल स्टोर है जहां मुख्यतः रेडीमेड कपड़े व लाइफ स्टाइल से जुड़े उत्पाद बेचे जाते हैं। वेस्टसाइड के देश भर में लगभग 50 स्टोरऔरऔर भी

कपड़ा मंत्रालय ने 2010-11 में देश का कपास उत्पादन अनुमान और घटाकर 3.05 करोड़ गांठ कर दिया है। मंत्रालय ने दिसंबर 2010 में हुई बेमौसम बारिश के मद्देनजर यह कदम उठाया है जिसके कारण मंडियों में आवक कम रही थी। इससे कपास के दाम में और लगने के आसार हैं। सरकारी निकाय कपास परामर्शक बोर्ड (सीएबी) ने सत्र अक्तूबर-सितंबर 2010-011 की शुरआत में 3.29 करोड़ गांठ उत्पादन का अनुमान लगाया था। अप्रैल में इसे घटाकर 3.12 करोड़औरऔर भी