कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार द्वारा लाए गए सिंगूर भूमि पुनर्वास व विकास अधिनियम को बुधवार को पूरी तरह संवैधानिक व वैध करार दिया। इस फैसले का असर यह होगा कि टाटा मोटर्स को नैनो कार परियोजना के लिए किसानों से ली गई जमीन उन्हें वापस लौटानी होगी। हालांकि कोर्ट के इस फैसले का टाटा मोटर्स के शेयरों पर खास असर नहीं पड़ा और वे बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में थोड़ा सा बढ़कर 155.95औरऔर भी

कुछ कंपनियों का दायरा इतना बड़ा होता है कि स्टैंड-अलोन नतीजे उनकी पूरी स्थिति बयां नहीं करते। टाटा मोटर्स ऐसी ही एक कंपनी जिसका दायरा वाहनों के हर सेगमेंट से लेकर देश-विदेश तक फैला हुआ है। ट्रक, सेना के विशाल ट्रक, मिनी ट्रक, बस और बड़ी कार से लेकर नैनो तक। टाटा सफारी से लेकर जैगुआर और लैंड रोवर तक। इसका शेयर 6 दिसंबर 2010 को 1381.40 रुपए का शिकर पकड़ने के बाद नीचे का रुख किएऔरऔर भी

कलकत्ता हाईकोर्ट ने सिंगूर पुनर्वास व विकास कानून, 2011 को चुनौती देने वाली टाटा मोटर्स की याचिका के संदर्भ में पश्चिम बंगाल सरकार को 8 जुलाई तक हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है। गुरुवार को न्यायाधीश सौमित्र पाल ने सरकार को याचिका के विरोध में अपना हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया और टाटा मोटर्स से इस पर 12 जुलाई तक अपना जवाब देने को कहा। उन्होंने कहा कि सिंगूर कानून को चुनौती देने वाली मुख्यऔरऔर भी

सुप्रीम कोर्ट ने टाटा मोटर्स को राहत देते हुए पश्चिम बंगाल सरकार को सिंगूर की जमीन फिलहाल किसानों को वापस नहीं लौटाने का निर्देश दिया है। इस जमीन का अधिग्रहण टाटा मोटर्स की नैनो कार परियोजना  के लिए किया गया था। बुधवार को न्यायाधीश पी. सतशिवम और न्यायाधीश ए.के. पटनायक ने कहा, “अंतरिम आदेश के तहत हम राज्य सरकार को यह निर्देश देते हैं कि कलकत्ता हाईकोर्ट के अगले आदेश तक वह किसानों को जमीन वापस नहींऔरऔर भी

उड़ीसा के जगतसिंह पुर जिले में दक्षिण कोरियाई कंपनी पोस्को की प्रस्तावित इस्पात परियोजना का हश्र पश्चिम बंगाल में टाटा की सिंगूर परियोजना जैसा होता दिखाई दे रहा है। अपनी भूमि दे चुके किसानों को उचित मुआवजा देने और अन्य शर्तो को पूरा करने की मांग पर अड़े स्थानीय निवासियों ने सड़क व रेलमार्ग रोक दिया है। इससे मंगलवार को तीसरे दिन भी पोस्को परियोजना का काम-काज बंद रहा। उधर कोलकाता से मिली खबर के अनुसार माओवादियोंऔरऔर भी

कोलकाता हाईकोर्ट ने सिंगूर में किसानों को भूमि लौटाने के पश्चिम बंगाल सरकार के फैसले पर रोक लगाने के संबंध में अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया है। लेफ्ट फ्रंट की सरकार के दौरान टाटा मोटर्स ने अपनी नैनो परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहित की थी। टाटा ने याचिका दायर कर मांग की थी कि भूमि लौटाने के संदर्भ में मंगलवार से रोक लगा दी जाए। न्यायमूर्ति सौमित्र पाल ने कहा कि इस बारे में सरकारऔरऔर भी

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी ने 34 सालों से चले आ रहे लेफ्ट के किले को ढहा दिया। जयललिता ने एम करुणानिधि को सत्ता से बाहर कर दिया। ममता ने 294 में से 226 सीटें जीत लीं तो जयललिता ने 234 सदस्यों की विधानसभा में 204 सीटों पर कब्जा कर लिया। एक जगह तीन-चौथाई से ज्यादा तो एक जगह से चार बटे पांच से भी ज्यादा का बहुमत। विश्लेषक बता रहे हैं कि पश्चिम बंगाल में लेफ्टऔरऔर भी