गोवा में कांग्रेस-नीत गठबंधन सरकार के मुख्यमंत्री दिगम्बर कामथ भले ही दावा कर रहे हों कि राज्य में कोई अवैध खनन नहीं हो रहा, लेकिन केंद्रीय खान मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि की है कि राज्य में चल रही करीब 50 फीसदी खदानों में अवैध तरीके से काम हो रहा है। खान मंत्रालय के संयुक्त सचिव जी श्रीनिवास ने चार दिन पहले 25 अक्टूबर को राज्य के खान सचिव एस कुमारस्वामी को भेजे गए पत्र मेंऔरऔर भी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उस नए खान व खनिज विधेयक को मंजूरी दे दी जिसमें प्रावधान है कि कोयला खनन कंपनियों को हर साल अपने शुद्ध लाभ का 26 फीसदी और अन्य खनिज कंपनियों को रॉयल्टी के बराबर रकम जिलास्तरीय खनिज न्यास में डालनी होगी जिसका इस्तेमाल स्थानीय लोगों के विकास में किया जाएगा। इस विधेयक के पारित होने के बाद तमाम खनिज व मेटल कंपनियों के शेयर धड़ाधड़ गिर गए। कोल इंडिया 5.2 फीसदी, स्टरलाइट इंडस्ट्रीज 4.1औरऔर भी

केंद्रीय उच्चाधिकार-प्राप्त समिति (सीईसी) ने सुप्रीम कोर्ट को सौंपी अपनी ताजा रिपोर्ट में कर्नाटक हो रहे अवैध खनन की भयावह सच्चाई बताते हुए कहा कि इससे सरकारी खजाने को 2003 के बाद से 15,245 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। लेकिन आश्चर्य की बात है कि कर्नाटक में सत्तारूढ़ बीजेपी सरकार इस मामले की जांच सीबीआई से कराने का तैयार नहीं है। गौरतलब है कि सीईसी का गठन सुप्रीम कोर्ट ने ही किया है। उसने कल,औरऔर भी