बीज अगर फलियों की खोल तोड़कर बाहर न निकलें तो सृजन का सिलसिला ही रुक जाए। इसी तरह मानव समाज को आगे बढ़ाने के लिए कुछ लोगों को सुरक्षा का कवच तोड़कर बाहर निकलना ही पड़ता है।और भीऔर भी

सजग बु्द्धिजीवी मानव समाज का स्नायुतंत्र हैं। वे समाज को दिशा देनेवाली विचार-श्रृंखला को बनाते और बढ़ाते हैं। जो समाज बुद्धिजीवियों को मुक्त माहौल नहीं दे पाता, वह पथ-भ्रष्ट हो जाता है।और भीऔर भी