नितांत आत्मीय रिश्ते ही भावना-प्रधान होते हैं। बाकी सभी मित्र और नाते-रिश्तेदार काम खत्म, पैसा हज़म का नाता रखते हैं। उनसे इससे ज्यादा अपेक्षा भी नहीं करनी चाहिए क्योंकि हम भी तो यही करते हैं।और भीऔर भी

ठीक साल भर पहले जब पिरामल हेल्थकेयर ने अपनी फार्मा बिजनेस एबॉट लैब्स को बेची थी तो पिरामल समूह के चेयरमैन अजय पिरामल ने बड़े भावुक अंदाज में कहा था कि उन्हें लग रहा है जैसे वे पाल-पोसकर बड़ी की गई बेटी को ससुराल भेज रहे हों। अब उसी तरह की बात इनफोसिस के संस्थापक एन आर नारायण मूर्ति ने कही है। उन्होंने कहा है कि इनफोसिस छोड़ना बिल्कुल उसी तरह है जैसे मां-बाप अपनी बेटी कीऔरऔर भी