30 जून 2011 तक देश के 6,01,625 गांवों में से 1,69,201 यानी 28 फीसदी से ज्यादा गांवों तक ब्रॉडबैंड पहुंच चुका है। भारत निर्माण कार्यक्रम के अंतर्गत केंद्र सरकार का लक्ष्य देश की सभी ढाई लाख ग्राम पंचायतों को साल 2012 तक ब्रॉडबैंड से जोड़ देने का है। अभी तक इनमें से 1,33,712 पंचायतों तक ब्रॉडबैंड सुविधा पहुंचाई जा चुकी है। साथ ही ग्रामीण वायरलेस ब्रॉडबैंड स्कीम के तहत 2,88,454 ब्रॉडबैंड कनेक्शन दिए गए हैं। सरकारी कंपनीऔरऔर भी

सरकारी रवैये से किसी कंपनी का क्या हश्र हो सकता है इसका एक और उदाहरण सामने आया है। कानूनी बाधाओं के कारण दूरसंचार मंत्रालय पिछले करीब दो साल से सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) में वित्त निदेशक की नियुक्त नहीं कर सका है। कंपनी का कारोबार 30,000 करोड़ रुपए सालाना से अधिक है। दिल्ली हाईकोर्ट ने इस नियुक्ति पर रोक लगा रखी है। दूरसंचार मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस बारे मेंऔरऔर भी

लोगों को अनचाही कॉल्स और एसएमएस से मुक्ति पाने में एक साल और लग सकता है। सार्वजनिक क्षेत्र की भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के रुख से तो ऐसा ही लगता है। बीएसएनएल ने कहा है कि उसे आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद अपने नेटवर्क के उन्नयन में 10 माह का समय लगेगा। दूरसंचार नियामक संस्था, टीआरएआई (ट्राई) ने टेलीमार्केटिंग कंपनियों के लिए ऐसी नंबर सीरीज जारी करने को कहा है कि जिसे पहचाना जा सके औरऔरऔर भी