बुद्ध अपने जमाने तक ज्ञात हालात में सधे हुए चिंतक थे, सुधारक थे, मसीहा थे। लेकिन तब के बुद्ध अब आम हो चुके हैं। आज किसी को खास बुद्ध बनना है तो उसे उसी तरह ज्ञात व उपलब्ध हालात को साधना पड़ेगा, जैसे तब के बुद्ध से साधा था।और भीऔर भी

मास्टेक लिमिटेड के चेयरमैन, प्रबंध निदेशक और सीईओ भी सुधाकर राम हैं। मैं तो उनके विचारों का मुरीद हूं। आप भी पढेंगे तो कायल हो जाएंगे। करीब डेढ़ साल पहले शिक्षा पर मैंने उनका लेख पढ़ा था जिसमें उन्होंने एक अनुसंधान का जिक्र करते हुए लिखा था कि चार साल की उम्र तक लगभग हर बच्चा जीनियस होता है। फिर मैंने मास्टेक फाउंडेशन की तरफ से चलाई जानेवाली वेबसाइट पर उनके कई लेख पढ़े और इस शख्सऔरऔर भी

लौकिक को अलौकिक बता दो। कर्मफल को विधि का विधान बता दो। मूर्तिभंजक की मूर्तियां बना दो। सुधारक को आराध्य बना दो। इंसान को भगवान बना दो। संघर्ष की धार कुंद करने के ये पक्के सूत्र हैं।और भीऔर भी