जब तक आप कच्चे हो तब तक लेते ज्यादा और देते कम हो। परिपक्व होने जाने पर आप देते ज्यादा और लेते कम हो। लेकिन परिपक्वता ठहरनी नहीं चाहिए क्योंकि रुकने से आप रूढ़ और बेकार हो जाते हो।और भीऔर भी