हम जैसे-जैसे बढ़ते हैं, सामाजिक होते जाते हैं, वैसे ही वैसे हमारे पूर्वाग्रह बढ़ते जाते हैं। हार्मोंस के आग्रह इन पूर्वाग्रहों के साथ मिलकर मायाजाल बना देते हैं। सही शिक्षा का काम इसी मायाजाल को काटना है।और भीऔर भी