भारत को स्विस बैंक खातों में रखे गए काले धन के बारे में सूचना हासिल करने के लिए इस साल के अंत तक इंतजार करना पड़ेगा क्योंकि स्विटजरलैंड की संसद पिछले साल अगस्त में भारत के साथ हुई संधि को दिसंबर तक ही मंजूरी दे सकेगी। भारत और स्विटजरलैंड ने सूचनाओं का आदान प्रदान करने की सुविधा के साथ दोहरा कराधान बचाव संधि (डीटीएए) में संशोधन के समझौते पर 30 अगस्त, 2010 को हस्ताक्षर किए थे। स्विटजरलैंडऔरऔर भी