लोकतंत्र में फैसले लेना बड़ा आसान है क्योंकि बहुमत की राय आसानी से जानी जा सकती है। फैसलों में मुश्किल तब आती है कि कोई सरकार बहुमत के नाम पर अल्पमत का हित सब पर थोपना चाहती है।और भीऔर भी

अपनी इच्छाओं को आरोपित करने के बजाय हमें उन्हें यथार्थ के हिसाब से सजाना चाहिए। यथार्थ सतह से उभरा अंकुर ही नहीं, सतह के नीचे पड़ा बीज भी होता है। इसी त्रिकाल दृष्टि से पूरी होती हैं इच्छाएं।और भीऔर भी