जबरदस्ती के रिश्ते गुलामी व एकाधिकार में ही चलते हैं। स्वेच्छा के रिश्ते तभी चलते हैं जब दोनों का फायदा हो। ग्राहक का भी और कंपनी का भी। सिर्फ ग्राहक का फायदा हो तो कंपनी ही बंद हो जाएगी।और भीऔर भी

अमेरिकी के एक अखबार में छपे लेख में बताया गया है कि चांदी में सट्टेबाजी क्या आलम है। यहां तक कि सट्टेबाजों के कहने पर वहां के कमोडिटी एक्सचेंज ने मार्जिन कॉल जारी करने में देर कर दी। इसके बाद भी चांदी में गिरावट आई तो सही, लेकिन काफी देरी के बाद। भारत की बात करें तो यहां भी सट्टेबाजी सिर चढ़कर बोल रही है। इसमें कोई शक नहीं कि रिजर्व बैंक ने मुद्रास्फीति की गंभीर अवस्थाऔरऔर भी