दक्षिण कोरिया की कंपनी पोस्को को भारत की जमीन पर पैर रखने में बराबर मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। काफी रगड-धगड़ के बाद उड़ीसा में उसकी प्रस्तावित इस्पात परियोजना को केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की हरी झंडी मिली तो राज्य सरकार ने भूमि अधिग्रहण का काम शुरू कर दिया। लेकिन शुक्रवार को भूमि अधिग्रहण के इस काम में खलल पड़ गया। ग्रामीणों ने 52,000 करोड़ रुपए की इस परियोजना के लिए अपनी जमीन के अधिग्रहण केऔरऔर भी

अभी चार दिन पहले तक उड़ीसा में पॉस्को की स्टील परियोजना की जिम्मेदारी राज्य सरकार पर डालनेवाले केंद्रीय पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने आखिकार इस परियोजना को अंतिम मंजूरी दे दी है। लेकिन कहा कि दक्षिण कोरिया की यह कंपनी प्रस्तावित परियोजना से कच्चे माल का निर्यात नहीं कर सकती। राजधानी दिल्ली में सोमवार को जारी बयान में उन्होंने कहा, “राज्य सरकार की तरफ से 29 अप्रैल को ताजा संदेश के मद्देनजर राज्य सरकार को अंतिम अनुमोदनऔरऔर भी