देश के विभिन्न बैंकों के बढ़ते डूबत ऋणों या गैर निष्पादित आस्तियों (एनपीए) पर चिंता व्यक्त करते हुए वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा है कि इस संबंध में उपयुक्त उपाए किए जा रहे हैं। साथ ही बैंकों से ऋण मंजूर करने के दौरान सभी जरूरी प्रक्रियाओं को अपनाने को कहा गया है। लोकसभा में सरकार की ओर से उपलब्ध कराए गए आकड़ों के अनुसार, मार्च 2009 में सरकारी क्षेत्र के बैंकों की बकाया राशि 44,039 करोड़औरऔर भी

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा बैंकों के लिए उनकी गैर.निष्पादित आस्तियों (एनपीए) के एवज में किए जानेवाले जोखिम प्रावधान राशि में हाल में दी गई ढील के बाद माना जा रहा है कि इससे बैंकों के मुनाफे में सुधार आएगा। रिजर्व बैंक ने कई बैंकों से इस संबंध में ज्ञापन मिलने के बाद उन्हें यह ढील दी है। उसने कहा कि जब तक वह प्रोविजनिंग के विस्तृत नियम जारी नहीं कर देता है, तब तक बैंक सितंबर 2010औरऔर भी