यहां-वहां, जहां-तहां, मत पूछो कहां-कहां। हर जगह शेयरों को खरीदने की जितनी भी सलाहें होती हैं, वे किसी न किसी ब्रोकरेज फर्म या उनकी तनख्वाह पर पल रहे एनालिस्टों की होती हैं। अगर कोई खुद को स्वतंत्र विश्लेषक भी कहता है तो उनकी अलग प्रोपराइटरी फर्म होती है जिससे वह खुद निवेश से नोट बना रहा होता है। क्या इन तमाम बिजनेस चैनलों या समाचार पत्रों में एनालिस्टों या ब्रोकरों की दी गई सलाहों पर भरोसा कियाऔरऔर भी

सनटेक रीयल्टी। मुंबई में महंगे घर और व्यावसायिक इमारतें बनानेवाली कंपनी। लेकिन जिसका सालाना ईपीएस (प्रति शेयर मुनाफा) मात्र 35 पैसे हो; जिसने पिछले दो सालों में अपने शेयरधारकों को 2 रुपए अंकित मूल्य के शेयर पर मात्र 12 पैसे का लाभाश दिया है; जिसका शेयर सितंबर के बाद से आधे से भी ज्यादा गिर जाने के बावजूद 957 के पी/ई अनुपात पर ट्रेड हो रहा है। मैं ऐसी कंपनी पर कभी भी दांव नहीं लगा सकता।औरऔर भी