भारतीय बाजार ने दिखा दिया है कि यहां एक तरफ बहुत-सी कंपनियां मुश्किल में हैं और अपना धंधा बेचने को तैयार हैं, वहीं दूसरी तरफ बहुत-सी कंपनियां इस कदर संभावनाओं से भरी हैं कि उन्हें खरीदनेवालों की लाइन लगी है। ऑफिस स्टेशनरी बनानेवाली कैमलिन अपनी 50.3 फीसदी इक्विटी जापानी कंपनी कोकुयो को 365 करोड़ रुपए में बेचने में कामयाब हो गई। इससे पहले कनोरिया केमिकल्स अपना एक डिवीजन आदित्य बिड़ला समूह को बेच चुकी है। अब सबेरोऔरऔर भी

हमारी संसदीय बहसों में प्रधानमंत्री की भागीदारी घटती जा रही है। यहां तक कि सीधे उनको संबोधित सवालों का जवाब भी प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) का राज्य मंत्री देता है। लेकिन ब्रिटेन में ऐसा नहीं है। वहां हर बुधवार की सुबह प्रधानमंत्री पर संसद के निचले सदन, हाउस ऑफ कॉमन्स में सवालों की बौछार कर दी जाती है। सवाल इतने बेलाग व तीखे होते हैं कि प्रधानमंत्री को उनका साफ-साफ उत्तर देना पड़ता है। पूरे सत्र का सीधाऔरऔर भी