माना कि मन ही मनुष्य के बंधन व मोक्ष का कारण है। लेकिन शरीर की स्वतंत्र सत्ता है। मन उसी के अधीन है। इसलिए जो शरीर को स्वस्थ नहीं रख पाते, वे मन की उदात्त अवस्था तक नहीं पहुंच पाते।और भीऔर भी

जब आप सबका बनना चाहते हो तो अपना सारा कुछ उसके अधीन कर देना चाहिए। ध्यान रखें कि सबका बनने की चाह और अपना कुनबा अलग चलाने की कोशिश आपको कहीं का नहीं छोड़ती।और भीऔर भी