कॉरपोरेट जगत की प्रमुख हस्तियों ने देश के कर्णधारों को एक और खुला पत्र लिखा है। इस पत्र में कहा गया है कि बड़े स्तर का भ्रष्टाचार तो नया लोकपाल बिल सुलझा सकता है। लेकिन उस भ्रष्टाचार का क्या होगा, जिससे आम आदमी को रोज-ब-रोज के जीवन में झेलना पड़ता है। तीन पन्नों का यह खुला पत्र उद्योग जगत के 14 दिग्गजों की तरफ से लिखा गया है। इसे 3 अक्टूबर को भी भेजा गया था। लेकिनऔरऔर भी

महीने का आखिरी गुरुवार। डेरिवेटिव सेगमेंट में सेटलमेंट का आखिरी दिन। निफ्टी का 4820 या 5000 होना इस बात पर निर्भर था कि बाजार चलानेवालों ने ऑप्शंस में किस तरफ का कॉल या पुट प्रीमियम पकड़ा है। जैसा पहले सामने आ चुका है कि 4600 पर पुट सौदे की बड़ी पोजिशन बन चुकी थी तो निश्चित रूप से 4600 की गुंजाइश खत्म हो गई थी। दूसरी तरफ ऐसा लगता है कि उन्होंने 5000 और 5100 की कॉलऔरऔर भी

कृषि मंत्री शरद पवार ने अण्णा हजारे के खुलकर सच बोलने के बाद भ्रष्टाचार पर बने मंत्रियों के समूह (जीओएम) से इस्तीफा दे दिया है। लेकिन हजारे का कहना है कि पवार को मंत्री पद से भी इस्तीफा दे देना चाहिए। पवार के इस्तीफे की खबर मिलने के बाद हजारे ने कहा, “जब वे मुख्यमंत्री थे, तब मैने पद्मश्री लौटा दिया था। मंत्रियों के समूह से पवार के इस्तीफा दे देने से हमारी समस्या सुलझी नहीं है।औरऔर भी