अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) में भारत का कोटा बढ़ गया है। कोटे में वृद्धि का फैसला इस बाबत आईएमएफ की 14वीं आम समीक्षा में किया गया था। इसे मंगलवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई बैंठक में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी। 14वीं आम समीक्षा के फैसलों के प्रभावी होने के बाद आईएमएफ के सदस्‍य देशों के बीच मौजूदा वैश्विक हकीकत का बेहतर प्रतिबिंब दिखेगी करेगा। सभी ब्रिक देश (ब्राजील, रूस, भारत व चीन) अबऔरऔर भी

वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) के नए प्रमुख पद के लिए भारत के वोट का फैसला प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह करेंगे। मेक्सिको के केंद्रीय बैंक के गवर्नर अगस्टिन कार्सटंस ने भी इस पद के लिए अपनी उम्मीदवारी की घोषणा की है। शुक्रवार को वे इस मामले में भारत का समर्थन जुटाने के लिए दिल्ली पहुंच रहे हैं। कार्सटंस पर भारत के रुख के बारे में पूछे जाने पर गुरुवार को मुखर्जी नेऔरऔर भी

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पूर्व प्रमुख डोमिनिक स्ट्रॉस काह्न को कठिन शर्तो के साथ शुक्रवार को जमानत मिल गई। लेकिन इसके लिए उन्हें 10 लाख डॉलर नकद जमा कराने के साथ-साथ 50 लाख डॉलर का बांड भरना पड़ेगा। यह भी शर्त है कि वे न्यूयॉर्क के अपने अपार्टमेंट में नजरबंद रहेंगे और सशस्त्र गार्ड उनकी निगरानी करेंगे। उन्हें अपने सभी यात्रा दस्तावेज जमा करने का आदेश दिया गया है। होटलकर्मी महिला के साथ यौन दुर्व्‍यवहार सेऔरऔर भी

न्यूयॉर्क की महिला होटलकर्मी के साथ यौन उत्पीड़न के मामले में गिरफ्तार अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के प्रमुख डोमिनिक स्ट्रॉस काह्न के खिलाफ एक फ्रांसीसी लेखिका ने भी यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। यह महिला जल्द ही काह्न के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाली है। 31 साल की उपन्यासकार और पत्रकार त्रिस्तान बैनन ने वर्ष 2007 में भी आरोप लगाया था, लेकिन उनकी ओर से इस बारे में औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। इसऔरऔर भी

विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) जैसी अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं पर विकासशील देशों की नीतियों में दखल करने के आरोप तो बराबर लगते रहे हैं। लेकिन आईएमएफ की ऐसी छीछालेदर आज तक नहीं हुई थी। उसके प्रमुख डोमिनिक स्ट्रॉस काह्न को शनिवार को अमेरिकी शहर न्यूयॉर्क में बलात्कार की कोशिश और यौन हमले के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। यूरोप से लेकर अमेरिका तक में इस पर हल्ला मचा हुआ है। यूरो मुद्रा तक परऔरऔर भी