2.73 लाख ग्रामीण डाक सेवकों को तोहफा

केंद्र सरकार ने देश भर में फैले करीब 2.73 लाख ग्रामीण डाक सेवकों को रिटायरमेंट के बाद वित्तीय सुरक्षा देने के लिए विशेष स्कीम शुरू की है। इसमें डाक सेवक को अपनी तरफ से कोई खर्च या निवेश नहीं करना होगा। भारत सरकार का डाक विभाग हर ग्रामीण डाक सेवक के खाते में प्रति माह 200 रूपए जमा करेगा। इस तरह जमाराशि से 65 साल की उम्र मे रिटायर होने पर ग्रामीण डाक सेवकों और उनके पति/पत्‍नी को वित्‍तीय सुरक्षा दी जाएगी। इस स्कीम पर हर साल लगभग 70 करोड़ रूपए खर्च होंगे।

केंद्रीय संचार व सूचना प्रौद्योगिकी राज्‍यमंत्री सचिन पायलट ने मंगलवार को गुड़गांव में इस सेवा समाप्ति लाभ योजना (एसडीबीएस) की शुरूआत की। ग्रामीण डाक सेवकों के सेवानिवृत्‍त जीवन को सुरक्षित बनाने का मुद्दा काफी समय से भारत सरकार के ध्‍यान में लाया जा रहा था। यह नई सामाजिक सुरक्षा योजना खासतौर पर ग्रामीण व दूरदराज के इलाकों में कार्यरत डाक कर्मचारियों के लिए लाई गई है।

स्कीम का संचालन पीएफआरडीए (पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेलवपमेंट अथॉरिटी) के मातहत आनेवाली नई पेंशन स्कीम (एनपीएस-लाइट) द्वारा किया जाएगा। 65 साल की उम्र तक जमा रकम का 40 फीसदी हिस्सा वार्षिकी या एन्युटी के रूप में नियोजित कर दिया जाएगा, जिसमें ग्रामीण डाक सेवक/सेविका या उसकी पत्नी/पति को हर महीने पेंशन दी जाएगी। बाकी 60 फीसदी रकम उसे रिटायर होने पर एकमुश्त दे दी जाएगी।

इस स्कीम के संबंध में हर डाक सेवक को प्रान (परमानेंट रिटायरमेंट एकाउंट नंबर) कार्ड जारी किया जाएगा। डाक विभाग ने इस स्कीम को नारायण मूर्ति समिति की सिफारिशों के आधार पर शुरू किया है। स्कीम में शामिल होना 1 जनवरी 2011 के बाद नौकरी करनेवाले सभी ग्रामीण डाक सेवकों के लिए अनिवार्य है। संचार मंत्रालय के मुताबिक देश में कार्यरत कुल 2.73 लाख ग्रामीण डाक सेवकों में से 1.53 लाख एसडीबीएस नाम की इस स्कीम को स्वीकार कर चुके हैं और अब तक 1.35 लाख प्रान कार्ड जारी किए जा चुके हैं।

स्कीम का लाभ उन ग्रामीण डाक सेवकों को नहीं मिलेगा जिनका बकाया सेवाकाल 1 जनवरी 2011 से तीन साल या इससे कम है। अगर कोई डाक सेवक इस स्कीम को नहीं चुनता तो उसे पहले की तरह हर साल की नौकरी पर 1500 रुपए सालाना के हिसाब से जोड़कर एकमुश्त रकम दे दी जाएगी। स्कीम को चुनने वाला चाहे तो 58 साल के बाद कभी भी इससे निकल सकता है। तब वह जमा रकम का 20 फीसदी हिस्सा निकाल सकता है, जबकि 80 फीसदी हिस्से से उसे कोई जीवन वार्षिकी या लाइफ एन्युटी खरीदनी पड़ेगी। स्कीम के प्रबंधन का पूरा खर्च सरकार उठाएगी।

6 Comments

  1. Ye koi baat nehi hoti.. ek dak sevak puri jindengi seva bita deta he .. use milta kiya he???akhrimain kuch nehi.. sarkar is baremain gambhirta se sochna chahiye . Nehito jis dak sevak ke jariye India post aaj ehan tak pahonchi he .. ek din uspe tala lag jayega….

  2. Please help my father is retyerd but pention Ni aari h .sarkar bewkuf bna rahi h gramin dak sewak ko

  3. Sir meri umre 4 february 2018 ko 18 sai ki ho gai hain per mera form online acceped nahi ho raha hain, or mera chalan pay ho gaya hain. Mera 10th main 80 persent hain.

  4. sir mere pita ji 10 Feb.2017 se seva mukt ho gaye ho but unhone aaj tak pension ke kaam pe 1 Rupaya bhi nhi Mila. unko Puri zindgi unhone apni duty sahi se ki fir bhi unhe pension ke naam pe sirf apne office ke chakkar hi katne ko mil rahe h

  5. Kuch nhi mil raha h gds ko sarkar bevkuf bana rahi h nokari karane wale ko kuch nhi 1 din MlA rahane wale KO jindagi bhar pention modi ji anyay band,karo

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